वो सच्चा इंसान – डॉ. प्रियंका सौरभ

सौरभ सबको जो रखे, जोड़े एक समान। चुभे आलपीन-सा सदा, वो सच्चा इंसान।।   मीठे मुख के लोग तो, करते झूठा प्यार, मतलब होते ही बदलें, अपने सब व्यवहार। जो…

वयोवृद्ध साहित्यकार रमा राम पाण्डेय की स्वर्ण जयंती मनाई

vivratidarpan.com – नवोदय वैश्विक प्रज्ञान साहित्यिक संस्थान के तत्वावधान में 26/07/2026 को सायंकाल 9.00 बजे से आभासी माध्यम से वयोवृद्ध साहित्यकार रमा राम पाण्डेय ‘निराला’ का स्वर्ण जयंती समारोह मनाया…

कारगिल युद्ध – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

मन में धधक उठी है ज्वाला, दुश्मन तूने क्या कर डाला। रँगा रक्त में पुनः तिरंगा, उद्वेलित सब को कर डाला। गलत राह तूने है पकड़ी। गर्दन व्यर्थ दम्भ में…

नन्हा दर्शक – डॉ.प्रियंका सौरभ

टीवी पर दुनिया नई, नन्ही-नन्ही आँख। ज्ञान, हँसी, कल्पनाएँ, भर दें मन में पाँख॥   सोफ़े पर बैठा हुआ, देखे ध्यान लगाय। रंग-बिरंगी हर कथा, मन में खुशी जगाय॥  …

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

ल़ोग करते बस ग़रीबों पर कहर हैं, आज के अख़बार की ताजा ख़बर हैं।   आरजू मेरी तुम्हें बाँहों मे भर लूँ, यार आँखो मे बसे तेरा श़हर है।  …

काश ऐसा होता – श्याम कुंवर भारती

जब बना लिया दुनिया को अपना अदावत किससे करे। रहा न कोई दोस्त या दुश्मन फिर बगावत किससे करे।   चार दिन की जिंदगी चलो सबसे प्यार मेरे यार कर…

डॉ. राजश्री वर्मा के रहस्य-रोमांचक उपन्यास ‘तीसवाँ द्वार’ का भव्य विमोचन राजेश वर्मा ने किया

vivratidarpan.com जमशेदपुर ( झारखंड) । समकालीन हिंदी साहित्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में चर्चित रहस्य-रोमांचक उपन्यास ‘तीसवाँ द्वार’ का भव्य विमोचन प्रख्यात पत्रकार एवं समाजसेवी राजेश कुमार…

भोजपुरी गजल – श्याम कुंवर भारती

नाम तोहार लेके,  दिल अब आबाद हो गईल | कहलू की केवन पागल , हमार आज हो गईल |   आसरा लगवली तोहसे ,नजर हमसे फेर लिहलु | छुटल न…

 इमोजी – सुनीलानंद 

( 1 )” ई “, ईजाद ‘इमोजी’, का हुआ जबसे.., संदेशों में नई जान है आई !! ( 2 )” मो “, मोहब्बत ‘इमोजी’, से हुई हमें.., मन को कला…

स्त्री – रुचि मित्तल

एक स्त्री के चेहरे को देख कर सुबह ने अपनी जल्दबाज़ी छोड़ दी है आँखें… किसी शांत झील की तरह जहाँ आसमान बिना शोर किए अपनी परछाईं रख देता है…