बदल मत जाना – रुचि मित्तल

बदलते मौसम से बदल मत जाना यह जो हवा का रुख है यह तुम्हारी दिशा तय करने नहीं आया। धूप का तेज होना तुम्हारी सहनशक्ति की परीक्षा है। छाँव का…

मुखौटे – सुनील गुप्ता

( 1 )” मु “, मुख पर लगाए घूम रहे मुखौटे, पहचानें कैसे, यहाँ आदमी सच्चे !!   ( 2 )” खौ “, खौफ़ खाए लगें डरावने ये मुखौटे, इनसे…

शिव विवाह – श्याम कुंवर भारती

चंद्रमा शिखर शिव जटा बीच गंग है बड़ा शोभत। गले भुजंग भभूत सब अंग कर डमरू है बाजत ।   बिगड़ी बनाए योगी कहलाए शिव बड़े है भोले भाले हे…

टूट रहे परिवार — डॉ. प्रियंका सौरभ

अब तो आये रोज़ ही, टूट रहे परिवार, फूट-कलह ने खींच दी, आँगन में दीवार॥   कल तक थी जिस आँगना, गूँजी हँसी-फुहार, अब सन्नाटों का वहाँ, फैला है अंधियार।…

हर आँगन दीवार- डॉo सत्यवान सौरभ

घर-घर में मनभेद है, बचा नहीं अब प्यार। फूट-कलह ने खींच दी, हर आँगन दीवार॥   स्नेह और आशीष में, बैठ गई है रार,65 अरमानों के बाग में, भरा जलन…

गुज़ारिश है – डॉ अणिमा श्रीवास्तव

बार बार हमें तोड़ कर फिर जोड़ने की बात… कितना लेंगे इम्तेहान ? और क्या देंगे सौगात…? यह क्या हो रहा है…? आजकल हमारे साथ…। यह कैसी नवाज़िश है? या…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

आपको देख कर सिहर जाते, इतनी हो हूर हम ठहर जाते।   यार मुद्दत के बाद तुम आये, तेरे बिन यार हम किधर जाते।   यार उल्फत हुई है अब…

रात रानी महकी – राजलक्ष्मी श्रीवास्तव

रातरानी महकी चांदनी रात में, जैसे कोई गुप्त कहानी बात में। शीतल पवन ने धीरे से छू लिया, मन खो गया उस मधुर सौगात में। चांद ने ओढ़ी दूधिया चादर,…

हमेशा साथ रहूँगा – रुचि मित्तल

आज उसने कहा “मैं हमेशा साथ रहूँगा।” उसके “हमेशा” में वाई-फाई की रेंज जितनी दूरी थी। मैंने पूछा अगर बैटरी लो हो गई तो? वो बोला “पावर बैंक रखूँगा।” रिश्तों…

क्षण भंगुर जीवन – डॉ अनमोल कुमार

जन्म लेकर इंसान इस धरती पर आता है, पर कितनी लंबी होगी उसकी यात्रा, यह कोई नहीं जानता। आज साँसों का कारवाँ चल रहा है, कल कौन समय की गोद…