गैया हिन्दू हो गई, औ’ बकरा इस्लाम, पशुओं के भी हो गए, जाति-धर्म से नाम॥ इंसानों की सोच ने, बाँटे सबके काम, मूक जीव भी ढो रहे, नफ़रत के…