राष्ट्रीय समाचार

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

मिले नसीब से तुम दिल मजा बड़ा लेगा। मेरे स़ऩम तुम्हें पाकर ये और क्या लेगा।   बिना वजह ये मेरा यार अब ख़फ़ा होगा, गरीब दिल था,मुरव्वत मे ज़ल…

खेल

राजनीती

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

एकता गुप्ता काव्या महादेवी वर्मा विश्व भूषण सम्मान -2026 से हुई सम्मानित

वरि. कवि सुरेश चंद्र जोशी के जन्मोत्सव पर ‘त्वदीयं वस्तु तुभ्यमेव समर्पये’ ई- पत्रिका का हुआ  विमोचन

शाकाहारी व्यंजन क्यों न परोसे ? (व्यंग्य) – सुधाकर आशावादी

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में किशाऊ परियोजना पर छह राज्यों का ऐतिहासिक MoU

वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच,कर्नाटक इकाई की मासिक काव्य गोष्ठी में भक्तिरस धार बही..सभी हुए मंत्रमुग्ध

मनोरंजन

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

मिले नसीब से तुम दिल मजा बड़ा लेगा। मेरे स़ऩम तुम्हें पाकर ये और क्या लेगा।   बिना वजह ये मेरा यार अब ख़फ़ा होगा, गरीब दिल था,मुरव्वत मे ज़ल…