अब स़ज़ी है ये म़ह़फिल भी आऐ सभी। रौनकें आज़ महफिल बढाऐ सभी।मतला आज मचले है धड़कन तुम्हारे लिये। जान अपनी हमेशा लुटाऐ सभी।, साज छेडो पिया तुम…