राष्ट्रीय समाचार

चलते-चलते – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

पुष्प खिले हैं हर कहीं, पवन बहे अति मंद। भँवरे आतुर हैं सभी, पीने को मकरंद।। छटा बिखेरें तितलियाँ, रंग-बिरंगे फूल। खग छेड़ें  स्वर लहरियाँ, पा मौसम  अनुकूल।। <> आदमी…

खेल

राजनीती

मनोरंजन

चलते-चलते – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

पुष्प खिले हैं हर कहीं, पवन बहे अति मंद। भँवरे आतुर हैं सभी, पीने को मकरंद।। छटा बिखेरें तितलियाँ, रंग-बिरंगे फूल। खग छेड़ें  स्वर लहरियाँ, पा मौसम  अनुकूल।। <> आदमी…