अंक में समेट लें प्रभा ह्रदय पुकारता। प्रफुल्लता प्रकाश दे, प्रणम्य यह उदारता। दिग दिगंत दिव्य सूर्य की छटा समान है। दीन को महंत को सहर्ष ओज दान है।…