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अधूरी ख्वाहिशे जिंदगी की – नीलांजना गुप्ता

अधूरी ख्वाहिशें जिन्दगी की लुभाती हैं। मृगतृष्णा के रेगिस्तान में दौड़ाती हैं ।।   अपनी परछाई यहाँ कौन पकड़ पाया है। हैं दिवास्वप्न ये इंसान को घुमाती हैं।।   सबने…

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अधूरी ख्वाहिशे जिंदगी की – नीलांजना गुप्ता

अधूरी ख्वाहिशें जिन्दगी की लुभाती हैं। मृगतृष्णा के रेगिस्तान में दौड़ाती हैं ।।   अपनी परछाई यहाँ कौन पकड़ पाया है। हैं दिवास्वप्न ये इंसान को घुमाती हैं।।   सबने…