राष्ट्रीय समाचार

हँसता हुआ – नीलांजना गुप्ता

कोई हँसता हुआ गुलाब हो तुम, न जाने किसका आफ़ताब हो तुम।   सरजमीं पर नहीं देखा तुमको, किसी शायर का हसीं ख्वाब हो तुम।   चाँदनी में नहा कर…

खेल

राजनीती

मनोरंजन

हँसता हुआ – नीलांजना गुप्ता

कोई हँसता हुआ गुलाब हो तुम, न जाने किसका आफ़ताब हो तुम।   सरजमीं पर नहीं देखा तुमको, किसी शायर का हसीं ख्वाब हो तुम।   चाँदनी में नहा कर…