शिव विवाह – श्याम कुंवर भारती

चंद्रमा शिखर शिव जटा बीच गंग है बड़ा शोभत। गले भुजंग भभूत सब अंग कर डमरू है बाजत ।   बिगड़ी बनाए योगी कहलाए शिव बड़े है भोले भाले हे…

टूट रहे परिवार — डॉ. प्रियंका सौरभ

अब तो आये रोज़ ही, टूट रहे परिवार, फूट-कलह ने खींच दी, आँगन में दीवार॥   कल तक थी जिस आँगना, गूँजी हँसी-फुहार, अब सन्नाटों का वहाँ, फैला है अंधियार।…

हर आँगन दीवार- डॉo सत्यवान सौरभ

घर-घर में मनभेद है, बचा नहीं अब प्यार। फूट-कलह ने खींच दी, हर आँगन दीवार॥   स्नेह और आशीष में, बैठ गई है रार,65 अरमानों के बाग में, भरा जलन…

गुज़ारिश है – डॉ अणिमा श्रीवास्तव

बार बार हमें तोड़ कर फिर जोड़ने की बात… कितना लेंगे इम्तेहान ? और क्या देंगे सौगात…? यह क्या हो रहा है…? आजकल हमारे साथ…। यह कैसी नवाज़िश है? या…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

आपको देख कर सिहर जाते, इतनी हो हूर हम ठहर जाते।   यार मुद्दत के बाद तुम आये, तेरे बिन यार हम किधर जाते।   यार उल्फत हुई है अब…

रात रानी महकी – राजलक्ष्मी श्रीवास्तव

रातरानी महकी चांदनी रात में, जैसे कोई गुप्त कहानी बात में। शीतल पवन ने धीरे से छू लिया, मन खो गया उस मधुर सौगात में। चांद ने ओढ़ी दूधिया चादर,…

हमेशा साथ रहूँगा – रुचि मित्तल

आज उसने कहा “मैं हमेशा साथ रहूँगा।” उसके “हमेशा” में वाई-फाई की रेंज जितनी दूरी थी। मैंने पूछा अगर बैटरी लो हो गई तो? वो बोला “पावर बैंक रखूँगा।” रिश्तों…

क्षण भंगुर जीवन – डॉ अनमोल कुमार

जन्म लेकर इंसान इस धरती पर आता है, पर कितनी लंबी होगी उसकी यात्रा, यह कोई नहीं जानता। आज साँसों का कारवाँ चल रहा है, कल कौन समय की गोद…

गंगांजलि साझा संग्रह राजेंद्र कुमार तिवारी को भेंट किया – कवि संगम त्रिपाठी

vivratidarpan.com जबलपुर – गंगांजलि साझा काव्य संग्रह राजेंद्र कुमार तिवारी मंदसौर को उनके जबलपुर आगमन पर सौजन्य मुलाकात कर कवि संगम त्रिपाठी ने भेंट किया। राजेंद्र कुमार तिवारी मंदसौर वरिष्ठ…

राष्ट्रीय पाठन दिवस (19 जून) – डॉ अनमोल कुमार

किताब का एक पन्ना पूरी दुनिया घुमा लाता है, बिना टिकट, बिना पासपोर्ट दिल को आकाश दिखा जाता है। क्यों मनाएँ पाठन दिवस? 19 जून को जन्मे थे पी.एन. पणिक्कर…