चल सन्यासी अखाड़े में (व्यंग्य) – सुधाकर आशावादी

VIVRATIDARPAN.COM – जिसका काम उसी को साजे, और कोई करे तो मुसीबत बाजे। कहते हैं न कि नाचने के लिए शरीर में क्षमता भी होनी चाहिए और नृत्य कौशल भी।…

सावन की मल्हार – सुनील गुप्ता

बहे सावन की मल्हार चले गाते गीत यार  ! अमराई पे झूले पड़े.., मस्त चले पवन बयार !!1!!   खूब नाचे मन मयूर पड़े सावन की फुहार ! सौंधी माटी…

परिंदा दिल – श्याम कुंवर भारती

दिल तोड़ दिया तूने मगर तेरा प्यार जिंदा रखा है। छुपाके मासूम हुस्न को दिल में जैसे परिंदा रखा है।   मेरे आह की परवाह किया ही नहीं तूने यार…

ग़ज़ल – नित्यानंद बाजपेयी

माँ भले शक्कर थीं थोड़े थे तो खारे बाउजी, किंतु जीवन के सहारे थे हमारे बाउजी। भा गए मेले में जितने भी खिलौने थे हमें, जेब ख़ाली कर के भी…

मित्रता – डॉ अनमोल कुमार

दोस्ती का नाम सुनते ही, चेहरे पर आ जाए मुस्कान, ना कोई स्वार्थ, ना कोई भेद, बस दिल से दिल का अरमान।   सुख में साथ हंसाए जो, दुख में…

सुरक्षकर्मियों की विडंबना – प्रवीण त्रिपाठी

शस्त्र बल, सब को सुहाते किसलिये। मान के सब गान गाते किसलिये।1 ढेर सारे, क्षेत्र जब व्यवसाय के। मौत से पंजा लड़ाते किसलिये।2 हर विपद में, सैनिकों को याद कर।…

उपन्यास सम्राट प्रेमचंद – श्री ठाकुर

कुछ नाम समय की धूल में नहीं खोते, वे युगों की चेतना बनकर जीवित रहते हैं। प्रेमचंद ऐसा ही एक नाम हैं— जिनकी लेखनी ने शब्द नहीं, समाज की आत्मा…

आया  सावन – डॉ जसप्रीत कौर फ़लक

फिर आ गया है सावन- आसमान से मोती झर रहे हैं, क्या तुमने उन्हें अपनी हथेलियों में सहेजा है?   घर की खिड़कियों के परदे हटाकर मन के झरोखे खोले…

सुंदर दिखने की होड़ में नौजवान पीढ़ी में बढ़ती प्लास्टिक सर्जरी की ललक – सुभाष आनंद 

vivratidarpan.com –  देश के महानगरों में नौजवान पीढ़ी अपने चेहरे को नया लुक देने के लिए धड़ल्ले से प्लास्टिक सर्जरी का सहारा ले रही है। मुंबई, दिल्ली, बंगलुरू, जयपुर, चेन्नई…

मुंशी प्रेमचंद – डॉ अनमोल कुमार

31 जुलाई का दिन आया, कलम के मसीहा का जन्मदिन, “उपन्यास सम्राट” प्रेमचंद को, कोटि-कोटि नमन। गरीब किसान की व्यथा लिखी, “गोदान” में होरी का दर्द, “पूस की रात” में…