धड़कता हुआ दिल – रुचि मित्तल

धड़कता हुआ दिल किसी इमारत पर रखी अज़ान नहीं है कि सब सुन लें वह तो सीने के अंधियारे में जलती हुई एक छोटी-सी लौ है जो हर धड़कन पर…

अधूरी ख्वाहिशे जिंदगी की – नीलांजना गुप्ता

अधूरी ख्वाहिशें जिन्दगी की लुभाती हैं। मृगतृष्णा के रेगिस्तान में दौड़ाती हैं ।।   अपनी परछाई यहाँ कौन पकड़ पाया है। हैं दिवास्वप्न ये इंसान को घुमाती हैं।।   सबने…

श्री नरेंद्र मोदी – सुनील गुप्ता

( 1 ) ध्वजवाहक हिंद जननायक.., संस्कृति के !! ( 2 ) विकास स्तंभ हिंदुत्व के गौरव.., मोदी सभी के !! ( 3 ) सच्चे सारथी हैं विकास पुरुष.., सत्यपथ…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

मिले नसीब से तुम दिल मजा बड़ा लेगा। मेरे स़ऩम तुम्हें पाकर ये और क्या लेगा।   बिना वजह ये मेरा यार अब ख़फ़ा होगा, गरीब दिल था,मुरव्वत मे ज़ल…

वरि. कवि सुरेश चंद्र जोशी के जन्मोत्सव पर ‘त्वदीयं वस्तु तुभ्यमेव समर्पये’ ई- पत्रिका का हुआ  विमोचन

vivratidarpan.com – नवोदय वैश्विक प्रज्ञान साहित्यिक संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारी/कवि/साहित्यिकार सुरेश चंद्र जोशी के जन्मोत्सव पर ‘त्वदीयं वस्तु तुभ्यमेव समर्पये’ ई पत्रिका भाग-21 का अशोक दोशी ने 15 सितंबर को आभासी…

धूप के बाद – ज्योत्स्ना जोशी

तपती धूप के बाद गिरती पहली बारिश की छुवन, महज़ मौसम में हो रहा परिवर्तन नहीं है बल्कि सांसों का पुनः लौट आना है उस कुम्हलाए कुसुम के लिए जिसमें…

प्रथम पूज्य श्री गणेश — अनिल भारद्वाज

हे गणपति हे सिद्धि विनायक, हे बुद्धि के विधाता, तुम हो विघ्न विनाशक जग में, तुम्हीं सुखों के दाता। बड़े बड़े कानों से तुम फरियादें सबकी सुनते, अपने चारों हाथों…

शब्दों का संसार – डॉ अनमोल कुमार

शब्द रचे जाते हैं, शब्द गढ़े जाते हैं, शब्द मढ़े जाते हैं, शब्द लिखे जाते हैं, शब्द पढ़े जाते हैं, शब्द बोले जाते हैं, शब्द तौले जाते हैं, शब्द टटोले…

हृदय की अदालत – सुनील गुप्ता

( 1 ) चलो हृदय की अदालत में., अपने आप को प्रस्तुत करें !! ( 2 ) आओ अपनी अंतरात्मा के समक्ष., आज खुद का बचाव करें !! ( 3…

तीजा तिहार : आगे हे मोर लेनहार – अशोक कुमार यादव

मोला मइके भेज देना जोड़ी, आगे हे मोर लेनहार। बहिनी-माई मेर मिलहूँ, नीक लागही तीजा तिहार।। हाँसत, कुलकत मँय जाहूँ, दाई-ददा के घर-अँगना। सज-धज के तियार हँव, बांध झन मया…