भाई बहनों का प्यारा, रक्षाबंधन दुलारा, प्रेम के धागों में बसा, आपस का प्यार है। रोचना लगाए भाल, भाई भी होता निहाल, प्रीति की अनोखी भाषा, मानता संसार है। रक्षा…
उद्दंड भतीजा, घूमता गाँव भर। उसकी करनी से, परेशान पूरा घर। होनहार चाचा, रहता था शहर। शहर में था, बड़ा अफसर। चाचा की पड़ी, भतीजे पर नज़र। बन गया भतीजा,…