ग़ज़ल – रीता गुलाटी

गीत भी गाना है अश्क भी छुपाना है। पास तेरे अब आकर,राज़ सब बताना है।   दर्द हाय बढ़ता है,अब सहा नही जाता, चैन भी नही मिलता, दर्द सब सुनाना…

“रक्षा बंधन” – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

भाई बहनों का प्यारा, रक्षाबंधन दुलारा, प्रेम के धागों में बसा, आपस का प्यार है। रोचना लगाए भाल, भाई भी होता निहाल, प्रीति की अनोखी भाषा, मानता संसार है। रक्षा…

सूनी कलाई का रक्षाबंधन – सुनील गुप्ता

( 1 ) रक्षाबंधन सूनी कलाई का.., है अनोखा स्नेह निवेदन !!   ( 2 ) रक्षाबंधन बहन भ्राता का.., मिलन का है आमंत्रण !!   ( 3 ) रक्षाबंधन…

रक्षा बंधन – श्याम कुंवर भारती

सदियों से भाई बहन का रिश्ता ईश्वर का उपहार है। भईया नहीं भूलना यही बहना कि पुकार है।   तुम रहना जहाँ भी हरदम मुझको याद करना । दुख हो…

राखी का त्यौहार- अनिल भारद्वाज

रेशम की डोरी सा लगता, भाई बहन का प्यार। आया राखी का त्यौहार।   दोनों पुष्प एक डाली के, दो व्यंजन ज्यों इक थाली के। पावन रिश्ते की सुगंध सा…

अफसर – प्रदीप सहारे

उद्दंड भतीजा, घूमता गाँव भर। उसकी करनी से, परेशान पूरा घर। होनहार चाचा, रहता था शहर। शहर में था, बड़ा अफसर। चाचा की पड़ी, भतीजे पर नज़र। बन गया भतीजा,…

संघर्ष के रंग – डॉ. प्रियंका सौरभ

सबके मन में दर्द है, सबकी अपनी पीर। हँसते चेहरे ढाँपते, भीतर की तस्वीर॥   धूप मिली तो क्या हुआ, छाया भी है संग। जीवन के हर मोड़ पर, चलते…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

अब स़ज़ी है ये म़ह़फिल भी आऐ सभी। रौनकें आज़ महफिल बढाऐ सभी।मतला   आज मचले है धड़कन तुम्हारे लिये। जान अपनी हमेशा लुटाऐ सभी।,   साज छेडो पिया तुम…

वह चले गए – रेखा मित्तल

कुछ अधूरा-सा वह चले गए चारों तरफ असीम शांति मौन-सा पसरा हुआ ऐसे लगा कुछ छूट गया बहुत कुछ कहना था सब कुछ अधूरा रह गया अब कभी नहीं मिलेंगे…

कृष्णा कन्हैया – डॉ क्षमा कौशिक

कर नयन चंचल मधुर वंशी बजाता है। छेड़ कर रस रागिनी मन को चुराता है।। सिर-मुकुट पट-पीत कटि किंकिण गले माला। साँवरे ये रूप तेरा मन लुभाता है।। तट कभी…