जून का महीना – राजलक्ष्मी श्रीवास्तव

जून का महीना आया है, तपता सूरज छाया है। धरती तपती अंगारों सी, गरम हवा का साया है। पेड़ खड़े हैं मौन थके से, पंछी ढूँढ़ें ठंडी छाँव। नदियाँ भी…

छोटे किसान-मजदूर की व्यथा – सीमा शुक्ला

आज कवि मन कह रहा है कुछ व्यथा उनकी लिखूँ मैं , दर्द   मे  जीते  सदा  जो कुछ कथा  उनकी लिखूँ मै । अन्नदाता  एक  पल ,करते नही   विश्राम  हो …

पर्यावरण – सुनील गुप्ता

( 1 ) मौन पुकार सुनें हर वृक्ष की.., दें उन्हें प्यार !! ( 2 ) बचा प्रकृति स्वयं को ही बचाएं.., खिलाएं कृति !! ( 3 ) वन श्रृंगार…

संपूर्ण क्रांति दिवस – डॉ अनमोल कुमार

बिहार की माटी का वो लाल, अन्याय के आगे हुआ न हलाल। अंग्रेज गए पर कुर्सी के चोर, जनता भूखी, नेता सिरमौर। तब पटना के गांधी मैदान से, एक सिंह…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

खुला है दर रफाकत का,रहेगी दोस्ती कब तक?, निभाएगे सदा मिलकर रहे ये दोस्ती कब तक।   सुनो ऐ चाँद सा चेहरा दिखा देते हमे जाना, तुम्हारी राह देखेगी हमारी…

यह रेखा है – ज्योत्सना जोशी

Vivratidarpan.com – जब मैं गौचर से देहरादून शिफ्ट हुई तो शुरूआत में मैंने सोच लिया था कि दो चार साल किसी तरह निकाल लूंगी और फिर गौचर चली जाऊंगी, क्योंकि…

विश्व साइकिल दिवस (3 जून)- डॉ अनमोल कुमार

दो पहियों पर चलती जिंदगी, न पेट्रोल की चिंता, न प्रदूषण की गंदगी। बचपन की यादें, जवानी की सवारी, साइकिल है सच में सबकी प्यारी। पापा की उंगली पकड़ के…

हँसता हुआ – नीलांजना गुप्ता

कोई हँसता हुआ गुलाब हो तुम, न जाने किसका आफ़ताब हो तुम।   सरजमीं पर नहीं देखा तुमको, किसी शायर का हसीं ख्वाब हो तुम।   चाँदनी में नहा कर…

कौड़ी का कमाल – पवन वर्मा

vivratidarpan,com – कभी भारतीय अर्थव्यवस्था की सबसे छोटी इकाइयों में गिनी जाने वाली कौड़ी इन मध्य प्रदेश की राजनीति के साथ ही न्यूज़ एंकर और यू ट्यूबर्स के बीच धमाल…

आर्यावर्त की अनुपमाएं मां से चन्द्रमा तक अद्भुत कृति – कवि संगम त्रिपाठी

vivratidarpan.com – मातृशक्ति को समर्पित अद्भुत कृति आर्यावर्त की अनुपमाएं मां से चन्द्रमा तक संस्कारधानी जबलपुर की सिद्धहस्त कवयित्री सिद्धेश्वरी सराफ शीलू की किताब साहित्य जगत को समर्पित है। कवयित्री…