गजल – नीलांजना गुप्ता  

अलविदा हमको न ऐसे कीजिए,        बस जरा सा मुस्कुरा ही दीजिए,   गम बहुत हैं इस जहां में दोस्तों, दामन खुशियों का न थामा कीजिये,   डस…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

बात दिल की कहे मुस्कुराते हुए, राज दिल का कहे गुनगुनाते हुए।   होश उसने उड़ाये अदा से बड़े, जाम मस्ती का अपने पिलाते हुए।   दर्द दिल का सभी…

क्या खूब कहा है किसी ने – सुनील गुप्ता

( 1 ) क्या खूब कहा है किसी ने, बाद में जी लूंगा, जी भरकर  ! अभी, थोड़ा ठहरा तो हो जाएगी मुश्किल., मुड़कर देखने का कहाँ समय है यहाँ…

राधा कृष्ण – राजलक्ष्मी श्रीवास्तव

बरसाने की गलियों में, बंसी की धुन छाई, श्याम नाम की मीठी लहर, हर दिल को बहलाए। राधा की पायल बोले, प्रेम की भाषा प्यारी, कान्हा की मुस्कान में, छुपी…

रूप चुराया मेरा – अनिल भारद्वाज

जीने की आरजू छीन क्या खुश न हुआ मन तेरा, तू ने मेरी हँसी छीन ली रूप चुराया मेरा। तेरे सुंदर से सुंदर मनमोहक चित्र बनाए, पूजा तुझे उम्र भर…

अहंकार और आत्मसम्मान (आलेख) – डॉ. शिखा गोस्वामी

vivratidarpan.com – मनुष्य के व्यक्तित्व को उसके गुण, व्यवहार और संस्कार महान बनाते हैं, लेकिन जब उन्हीं गुणों में अहंकार का विष घुल जाता है, तब उनका कोई महत्व नहीं रह…

ढाई आख़र  – सविता सिंह

तुम्हारी यह प्रेम भरी बातें न जाने क्यों मुझमे प्रेम नहीं भर पाती। मत कहो तुम प्यार करते हो आई लव यू ये शब्द हमें लुभाते नहीं। यह ढाई आख़र…

ये बारिश का मौसम – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

 पावस ऋतु जब भी आती है, बादल करते शोर रे। गर्जन तर्जन रिमझिम रिमझिम, हो वर्षा घनघोर रे।   धरती ओढ़े धानी चूनर, चहुँदिशि हरियाली छायी। शुष्क पड़ी महिती पर…

बच्ची की आखिरी सांस – -किरण मिश्रा

सबसे बड़ा सवाल अभी भी क्या उसको इंसाफ मिल पाएगा? या अंधों के बस्ते में फिर से इंसाफ दबा दिया जाएगा उस बच्ची की चीखें सोचकर मुंह तले कलेजा आया…

ग़ज़ल – डॉ0 अशोक गुलशन

कभी बैठकर कभी लेटकर चलकर रोये बाबू जी, घर की छत पर बैठ अकेले जमकर रोये बाबू जी।   अपनों का व्यवहार बुढ़ापे में ग़ैरों सा लगता है, इसी बात…