ग़ज़ल – रीता गुलाटी

मिले नसीब से तुम दिल मजा बड़ा लेगा। मेरे स़ऩम तुम्हें पाकर ये और क्या लेगा।   बिना वजह ये मेरा यार अब ख़फ़ा होगा, गरीब दिल था,मुरव्वत मे ज़ल…

एकता गुप्ता काव्या महादेवी वर्मा विश्व भूषण सम्मान -2026 से हुई सम्मानित

vivratidarpan.com लखनऊ। उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के प्रतिष्ठित ‘निराला सभागार’ में निहारिका साहित्य मंच एवं कंट्री ऑफ इंडिया फाउंडेशन ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित चतुर्थ वार्षिकोत्सव समारोह हर्षोल्लास और गरिमामयी…

वरि. कवि सुरेश चंद्र जोशी के जन्मोत्सव पर ‘त्वदीयं वस्तु तुभ्यमेव समर्पये’ ई- पत्रिका का हुआ  विमोचन

vivratidarpan.com – नवोदय वैश्विक प्रज्ञान साहित्यिक संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारी/कवि/साहित्यिकार सुरेश चंद्र जोशी के जन्मोत्सव पर ‘त्वदीयं वस्तु तुभ्यमेव समर्पये’ ई पत्रिका भाग-21 का अशोक दोशी ने 15 सितंबर को आभासी…

शाकाहारी व्यंजन क्यों न परोसे ? (व्यंग्य) – सुधाकर आशावादी

vivratidarpan.com – मेजबान अपने मेहमानों की आवभगत किस प्रकार करता है, यह मेजबान की इच्छा पर निर्भर करता है। मेहमान को ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर में क्या परोसना है, यह…