मेरी कलम से – डा० क्षमा कौशिक

लय के तार पर सध कर मधुर संगीत बजता है। विचारों की कसौटी पर शब्द संसार सजता हैं। कविता में निखर कर भाव का संसार पगता है। दिल में प्रेम…

श्रम का महत्व – प्रवीण त्रिपाठी

श्रम की कीमत क्या होती है, इसको लें हम सब पहचान। मेहनतकश मजदूर श्रमिक का, मिलकर रखें सदा हम ध्यान। चींटी भी श्रम करती दिनभर, दाना-दाना चुनती है। बिना रुके…

जमशेदपुर में डॉ. राजश्री वर्मा की पुस्तक ‘बंदिनी’ का भव्य विमोचन हुआ संपन्न – अनमोल कुमार

vivratidarpan.com जमशेदपुर,(अनमोल कुमार।) जमशेदपुर में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में प्रख्यात समाजसेवी एवं ‘बिहार दिन रात’ के ब्यूरो चीफ़ राजेश कुमार वर्मा के करकमलों द्वारा डॉ. राजश्री वर्मा द्वारा लिखित…

श्रमिक दिवस – राजलक्ष्मी श्रीवास्तव

मुट्ठी में सूरज लेकर चलता, पांवों में छाले भी खिलते हैं, वो श्रमिक है—जो पत्थरों में अपने सपनों के घर मिलते हैं। न कोई ताज, न कोई शोहरत, न ही…

मजदूर – सुनील गुप्ता

( 1 )” म “, महिमा गाएं इस दिवस पर.., मजदूरों की !! ( 2 )” ज “, जरुरत है सुविधाएं इनकी.., बड़े सदा ही !! ( 3 )” दू…

डॉ रवीन्द्र वर्मा की कृति खोज लें हम सत्य समय का आईना सरीखी – सुधीर श्रीवास्तव

vivratidarpan.com – समीक्ष्य संग्रह ‘खोज लें हम सत्य’ डॉ रवीन्द्र वर्मा की कृति समय का आईना सरीखी गीतिका की लयबद्धता, गीतों की समरसता और मुक्तकों के वैचारिक चिंतन से मानव…

गीत – जसवीर सिंह हलधर

मुक्त कविता से कभी हम, गीत को डरने न देंगे । युग  बहे  बेशक  विरोधी , छंद  को मरने न देंगे ।।   चाँद तारे आसमां पर ,घूमते है एक…

अनुराग से – रश्मि मृदुलिका

पत्तों से टपकते ओस बूंदों की झनक, गीले गेसुओं से उलझे कंगन की खनक, अलसाई आंखों में सोया एक ख्वाब तेरा, होले- होले उतरते बैचेन खुमार की ठनक, जब से…

प्रिय विद्दवतजन – नीलांजना गुप्ता

अवसर मिले मैं यहाँ का कानून बदल दूँ । सर पर चढ़ा ये रिश्वत का जुनून बदल दूँ ।   जिससे हुआ है पैदा जाति धर्म का ये भेद, मैं…

फायकू सम्मेलन संपन्न: लघु काव्य में गहन भावों की सजीव प्रस्तुति

vivratidarpan.com – दि ग्राम टुडे अनिल अभिव्यक्ति तथा ओपन डोर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित फायकू सम्मेलन साहित्यिक गरिमा और रचनात्मक ऊर्जा के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन न…