हरियाली हो गोद धरा की, पर्यावरण बचाओ। नवल पौध को देखो, सींचो, खुशहाली तुम लाओ।। लता, विटप, तरु, फूल, शजर अरु तरुवर खूब उगाओ। हरियाली हो गोद धरा की, पर्यावरण…
vivratidarpan.com झारखंड- कहानिका हिंदी पत्रिका झारखंड के इंटरनेशन चैप्टर दुबई द्वारा गूगल मिट पर वैश्विक पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विषय पर एक आभासी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया ।जिसमें…
ऊँचे शिखर से कूद पड़ा वो मतवाला, चट्टानों से टकराता, गाता गीत निराला। मोतियों-सा बिखरता, चाँदी-सा चमकता, धूप से खेलता, इंद्रधनुष रचता। नाम है उसका झरना, पहाड़ों की संतान, अविरल…