अनुराग से – रश्मि मृदुलिका

पत्तों से टपकते ओस बूंदों की झनक, गीले गेसुओं से उलझे कंगन की खनक, अलसाई आंखों में सोया एक ख्वाब तेरा, होले- होले उतरते बैचेन खुमार की ठनक, जब से…

प्रिय विद्दवतजन – नीलांजना गुप्ता

अवसर मिले मैं यहाँ का कानून बदल दूँ । सर पर चढ़ा ये रिश्वत का जुनून बदल दूँ ।   जिससे हुआ है पैदा जाति धर्म का ये भेद, मैं…

फायकू सम्मेलन संपन्न: लघु काव्य में गहन भावों की सजीव प्रस्तुति

vivratidarpan.com – दि ग्राम टुडे अनिल अभिव्यक्ति तथा ओपन डोर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित फायकू सम्मेलन साहित्यिक गरिमा और रचनात्मक ऊर्जा के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन न…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

देखा जो नूर आपका मैं तो सिहर गया, इतनी वो खूबसूरत, गली मे ठहर गया।   रूठे हो यार तुमको, मनाना बहुत हुआ, लम्हा हसीन था भले पल मे गुज़र…

व्हाट्सअप की दुनिया में किडनी का अक्षय पात्र (व्यंग्य) – विवेक रंजन श्रीवास्तव

vivratidarpan.com – ज्यादा नहीं 30 बरस पहले एक सिद्ध बाबा अपने भक्तों को एक आशीर्वाद दिया करते थे , “बच्चा तुम्हें जीवन में इतना मिले कि तुम बांटते-बांटते थक जाओ…

संयम – जया भराडे बडोदकर

Vivratidarpan.com – उठते ही लता ने सबसे पहले अपने लिए एक कप चाय बनाई और फिर बालकनी में बैठे बैठे सुबह सुबह की ठंडी हवा में लमहा लमहा चाय की…

बात दिल की दिल में रख – सुनील गुप्ता

( 1 ) बात दिल की दिल में रख, मत होने दे इसे जगजाहिर !! ( 2 ) गम पीए जा बाहर न उगल, हँसता है जग इसे जान इधर…

कविता समीक्षा (नव-प्रस्तावित ‘आइकू विधा’) – डॉ सुधीर श्रीवास्तव

vivratidarpan.com – डॉ ओम प्रकाश मिश्र मधुब्रत (अज्ञात मेघार्जुन जमदग्निपुरी) की नव-प्रस्तावित ‘आइकू विधा’ की कविता समकालीन संवेदनाओं की अभिव्यक्ति प्रतीत होती है, जिसमें भाव और विचार का संतुलन प्रमुखता…

पुस्तक – राजलक्ष्मी श्रीवास्तव

किताबें हैं दीपक ज्ञान के, अंधियारे में उजियारा भरती, हर पन्ना जैसे नई कहानी, जीवन को दिशा ये करती। शब्दों में सिमटी दुनियाएँ, सपनों को देती हैं उड़ान, मौन रहकर…

मौन गूँजता है – रेखा मित्तल

धरा से क्षितिज तक मौन का फलक विस्तृत है ध्वनियों की होती हैं कुछ विशेष तरंगें जो तय कर सकती हैं, इक निश्चित दूरी परंतु…मौन’ गूँज सकता है अनंत के…