सशक्त हस्ताक्षर की काव्य गोष्ठी संपन्न हुई

vivratidarpan.com जबलपुर – सशक्त हस्ताक्षर की 47 वीं काव्य गोष्ठी नूतन मराठी स्कूल गोल बाजार में सानंद सम्पन्न हुई ၊ सर्वप्रथम संस्थापक गणेश श्रीवास्तव प्यासा ने अपने शब्द सुमनों से…

भूरा भाई का मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट (व्यंग्य) – मुकेश “कबीर”

vivratidarpan.com आखिर अमेरिका वाले भूरा भाई ने सर्टिफिकेट दे ही दिया कि भारत एक नर्क है, फिर बाद में केने लगे भारत एक महान देश है इसके बाद बोले कि चीन…

वंदन तुझे, हे श्रमवीर (गीत) – डॉ ओम प्रकाश मिश्र

वंदन तुझे, हे श्रमवीर! वंदन तुझे, हे श्रमवीर!! अंबर छूते शिखर सभी ये, तेरी ही पहचान, तेरे श्रम की रेखाओं से, रचता नव निर्माण। भट्टियों की ज्वाला बोले, तेरी ही…

मेरी कलम से – डा० क्षमा कौशिक

लय के तार पर सध कर मधुर संगीत बजता है। विचारों की कसौटी पर शब्द संसार सजता हैं। कविता में निखर कर भाव का संसार पगता है। दिल में प्रेम…

श्रम का महत्व – प्रवीण त्रिपाठी

श्रम की कीमत क्या होती है, इसको लें हम सब पहचान। मेहनतकश मजदूर श्रमिक का, मिलकर रखें सदा हम ध्यान। चींटी भी श्रम करती दिनभर, दाना-दाना चुनती है। बिना रुके…

जमशेदपुर में डॉ. राजश्री वर्मा की पुस्तक ‘बंदिनी’ का भव्य विमोचन हुआ संपन्न – अनमोल कुमार

vivratidarpan.com जमशेदपुर,(अनमोल कुमार।) जमशेदपुर में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में प्रख्यात समाजसेवी एवं ‘बिहार दिन रात’ के ब्यूरो चीफ़ राजेश कुमार वर्मा के करकमलों द्वारा डॉ. राजश्री वर्मा द्वारा लिखित…

श्रमिक दिवस – राजलक्ष्मी श्रीवास्तव

मुट्ठी में सूरज लेकर चलता, पांवों में छाले भी खिलते हैं, वो श्रमिक है—जो पत्थरों में अपने सपनों के घर मिलते हैं। न कोई ताज, न कोई शोहरत, न ही…

मजदूर – सुनील गुप्ता

( 1 )” म “, महिमा गाएं इस दिवस पर.., मजदूरों की !! ( 2 )” ज “, जरुरत है सुविधाएं इनकी.., बड़े सदा ही !! ( 3 )” दू…

डॉ रवीन्द्र वर्मा की कृति खोज लें हम सत्य समय का आईना सरीखी – सुधीर श्रीवास्तव

vivratidarpan.com – समीक्ष्य संग्रह ‘खोज लें हम सत्य’ डॉ रवीन्द्र वर्मा की कृति समय का आईना सरीखी गीतिका की लयबद्धता, गीतों की समरसता और मुक्तकों के वैचारिक चिंतन से मानव…

गीत – जसवीर सिंह हलधर

मुक्त कविता से कभी हम, गीत को डरने न देंगे । युग  बहे  बेशक  विरोधी , छंद  को मरने न देंगे ।।   चाँद तारे आसमां पर ,घूमते है एक…