बेबस बेटी – सुनील गुप्ता

( 1 ) बेबस बेटी
वो गंगानगर की..,
रोयी तड़पी !!
( 2 ) नर पिशाच
बत्तीस शैतानों ने..,
आत्मा कुचली !!
( 3 ) पांच दिनों में
सैकड़ों बार मारा..,
शर्म न आयी !!
( 4 ) लहूलुहान
शरीर से सहती..,
व्यथा सुनायी !!
( 5 ) थे वो दरिंदे
जिन्होंने जिस्म नोचा..,
मौत न आयी !!
( 6 ) सुनो पुकार
उस मृत आत्मा की..,
कि, मिले फाँसी !!
( 7 ) बैठो न चुप
तुम आवाज बनो..,
बचाओ बेटी !!
सुनील गुप्ता
जयपुर, राजस्थान |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *