vivratidarpan.com गया जी। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मदर प्राइड, चाणक्यपुरी कॉलोनी, गया में भक्ति, उल्लास, भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों से सराबोर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जन्माष्टमी के रंग में सजा विद्यालय परिसर आकर्षण का केंद्र बना रहा। नन्हे-मुन्ने बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों और राधा-कृष्ण की सुंदर झाँकियों ने पूरे वातावरण को कृष्णमय बना दिया। कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के निदेशक श्री विनीत कुमार, प्रधानाचार्य श्री मध्यमेश्वर सिंह, उप-प्रधानाचार्य श्री विकास जय आनंद, सचिव श्री रजनीश झुन्ना तथा संस्थापक एवं व्यवस्था-प्रमुख श्रीमती मीरा कुमारी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नन्हे कान्हाओं और राधाओं ने बिखेरा आकर्षण – इस अवसर पर प्री-नर्सरी से कक्षा 4 तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। नन्हे बच्चे भगवान श्रीकृष्ण, राधा रानी तथा श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़े विभिन्न पात्रों के रूप में सजकर कार्यक्रम में शामिल हुए। सिर पर मोरपंख, हाथों में बांसुरी, पारंपरिक वेशभूषा और चेहरे पर मासूम मुस्कान लिए नन्हे कान्हा विशेष आकर्षण का केंद्र बने रहे। वहीं, राधा रानी के रूप में सजी बच्चियों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीत लिया।
मनमोहक प्रस्तुतियों से कृष्णमय हुआ विद्यालय परिसर -कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने राधा-कृष्ण की झाँकी, श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, भक्ति गीतों, नृत्य एवं विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं उनके आदर्शों को जीवंत कर दिया। नन्हे कलाकारों ने पूरे आत्मविश्वास और उत्साह के साथ मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों की मासूमियत, सुंदर अभिनय, भावपूर्ण प्रस्तुतियों और आकर्षक वेशभूषा ने उपस्थित अभिभावकों एवं दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। कई प्रस्तुतियों के दौरान पूरा वातावरण तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। विद्यालय परिसर को जन्माष्टमी की विशेष थीम पर बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया था। फूलों की मालाओं, रंग-बिरंगे गुब्बारों, सजावटी मटकियों, झूलों, मोरपंखों और आकर्षक मंच-सज्जा ने कार्यक्रम की भव्यता को और बढ़ा दिया। सजावट और बच्चों की पारंपरिक वेशभूषा ने पूरे विद्यालय परिसर को एक सुंदर कृष्ण-लोक का स्वरूप प्रदान कर दिया।
निदेशक श्री विनीत कुमार ने दिया संस्कृति एवं संस्कारों का संदेश – कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के निदेशक श्री विनीत कुमार ने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह प्रेम, मित्रता, साहस, करुणा, सत्य, कर्तव्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके उपदेशों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में अच्छे संस्कारों को अपनाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि बच्चों को संस्कारी, आत्मविश्वासी, जिम्मेदार और अच्छे नागरिक के रूप में विकसित करना भी है। निदेशक श्री विनीत कुमार ने बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि विद्यालय में इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने का उद्देश्य बच्चों की छिपी प्रतिभा को सामने लाना तथा उन्हें अपनी समृद्ध भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना है। उन्होंने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी तथा कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के सहयोग की सराहना की।
संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का सुंदर प्रयास – विद्यालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल जन्माष्टमी का उत्सव मनाना नहीं, बल्कि बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से परिचित कराना भी था। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि जीवन में प्रेम, सत्य, कर्तव्य, अनुशासन और सदाचार का विशेष महत्व है। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मध्यमेश्वर सिंह, उप-प्रधानाचार्य श्री विकास जय आनंद, सचिव श्री रजनीश झुन्ना तथा संस्थापक एवं व्यवस्था-प्रमुख श्रीमती मीरा कुमारी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से कार्यक्रम को व्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बच्चों की प्रस्तुतियों की तैयारी से लेकर मंच संचालन एवं कार्यक्रम की व्यवस्थाओं तक अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। नन्हे कान्हाओं और राधाओं की मनमोहक झाँकियों, भक्ति गीतों, नृत्य, आकर्षक सजावट और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जन्माष्टमी समारोह को यादगार बना दिया। मदर प्राइड स्कूल का यह श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव भक्ति, संस्कृति, संस्कार और बाल प्रतिभा का सुंदर संगम बनकर सामने आया। बच्चों के चेहरों पर खुशी, मंच पर उनका आत्मविश्वास और पूरे विद्यालय परिसर में कृष्ण भक्ति का वातावरण इस आयोजन की सफलता की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत कर रहा था। रिपोर्ट डॉ अनमोल कुमार
