चाय के कट्टे पर,
खड़ा वह मस्त।
रंग-बिरंगी शर्ट,
लोअर सी जीन्स।
बिखरे बाल,
घुंघराले दस इंच ऊपर।
दाढ़ी भी कुछ बिखरी।
आँखों पर ज़ीरो नंबर का चश्मा,
कानों में हेडफोन।
ज़ोर-ज़ोर से कर रहा बात,
बात-बात पर चाय छोड़
हिल रहे थे हाथ।
बात-बात पर लगता वह
कुछ उलझा-उलझा।
कुछ समस्याओं का हल
न हो, कुछ भी सुलझा।
और कुछ समझ पाते,
लगा ज़ोर से चिल्लाने।
छोड़ दिया चाय का प्याला,
दौड़कर आया बाइक के पास।
ढूँढने लगा जेब में key!!
क्या कहें,
यही हाल में है Gen Z
-प्रदीप सहारे, नागपुर , महाराष्ट्र
