पर्यावरण – सुनील गुप्ता

( 1 ) मौन पुकार
सुनें हर वृक्ष की..,
दें उन्हें प्यार !!
( 2 ) बचा प्रकृति
स्वयं को ही बचाएं..,
खिलाएं कृति !!
( 3 ) वन श्रृंगार
हो स्नेहिल स्पर्श से..,
दें उन्हें नीर !!
( 4 ) पंचतत्वों से
सजी है ये प्रकृति.,
परा अपरा !!
( 5 ) पर्यावरण
हो स्वच्छ जल वायु..,
तो बढ़े आयु !!
( 6 ) है एक पेड़
सौ पुत्रों के समान..,
लगाएं पेड़ !!
( 7 ) जीवन धरा
खिलाते चलें सदा..,
हो पुण्य भला !!
– सुनील गुप्ता
जयपुर,राजस्थान |

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