विश्वगुरु भगवान श्रीकृष्ण – अशोक यादव

ओदे आवत हे कन्हैया, बजावत बंसी। झूम-झूम के नाचत हें, जम्मों यदुवंशी।। पहिरे हे मोर मुकुट अउ बैजयंती माला। संग म हवंय सुबल, बलराम, मधु ग्वाला।। गोकुल के बन म,…

लहरें – सविता सिंह

शांत चित्त, सौम्य मुख, आँखों की भाषा, और दिल की गहराई मापना कठिनतम है! फिर भी, चुपके से जब देखता है उसे वो चाँद, मन हो उठता अधीर, जैसे बरसों…

मेरी कलम से – डाo किरण मिश्रा

पहन कर रँग मौसम के गुलाबों सी महकती हूँ। झटकती जुल्फ से बादल मैं सावन सी बरसती हूँ, खिली ज्यों धूप बासन्ती पिया पहलू में आ तेरे, लगा कर प्रीति…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

गीत भी गाना है अश्क भी छुपाना है। पास तेरे अब आकर,राज़ सब बताना है।   दर्द हाय बढ़ता है,अब सहा नही जाता, चैन भी नही मिलता, दर्द सब सुनाना…

“रक्षा बंधन” – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

भाई बहनों का प्यारा, रक्षाबंधन दुलारा, प्रेम के धागों में बसा, आपस का प्यार है। रोचना लगाए भाल, भाई भी होता निहाल, प्रीति की अनोखी भाषा, मानता संसार है। रक्षा…

सूनी कलाई का रक्षाबंधन – सुनील गुप्ता

( 1 ) रक्षाबंधन सूनी कलाई का.., है अनोखा स्नेह निवेदन !!   ( 2 ) रक्षाबंधन बहन भ्राता का.., मिलन का है आमंत्रण !!   ( 3 ) रक्षाबंधन…

रक्षा बंधन – श्याम कुंवर भारती

सदियों से भाई बहन का रिश्ता ईश्वर का उपहार है। भईया नहीं भूलना यही बहना कि पुकार है।   तुम रहना जहाँ भी हरदम मुझको याद करना । दुख हो…

राखी का त्यौहार- अनिल भारद्वाज

रेशम की डोरी सा लगता, भाई बहन का प्यार। आया राखी का त्यौहार।   दोनों पुष्प एक डाली के, दो व्यंजन ज्यों इक थाली के। पावन रिश्ते की सुगंध सा…

अफसर – प्रदीप सहारे

उद्दंड भतीजा, घूमता गाँव भर। उसकी करनी से, परेशान पूरा घर। होनहार चाचा, रहता था शहर। शहर में था, बड़ा अफसर। चाचा की पड़ी, भतीजे पर नज़र। बन गया भतीजा,…

संघर्ष के रंग – डॉ. प्रियंका सौरभ

सबके मन में दर्द है, सबकी अपनी पीर। हँसते चेहरे ढाँपते, भीतर की तस्वीर॥   धूप मिली तो क्या हुआ, छाया भी है संग। जीवन के हर मोड़ पर, चलते…