सिंदूर का सत्य – राजलक्ष्मी श्रीवास्तव

मांग में सजा वो लाल उजाला, सिर्फ रंग नहीं, जीवन का रखवाला। हर कण में बसी है प्रार्थना गहरी, सात वचनों की अमर कहानी ठहरी। सिंदूर नहीं बस सौभाग्य की…

पुरानी किताब – रुचि मित्तल

शायद किसी पुरानी किताब के बीच दबा हुआ वो सुर्ख गुलाब है जिसकी पंखुड़ियाँ तो सूख गई हैं पर खुशबू अब भी पन्नों में सांस लेती है। ​ये वो बेनाम…

हिंदी कविता – रेखा मित्तल

उठाकर कलम लिखने बैठी आज एक सच्ची कहानी उमड़ पड़ा ग़मों का सैलाब जो रोके नहीं रुका भीग गया कागज़ और कलम एहसासों के समुद्र में चाहकर भी उतार न…

फिर वो सुबह आएगी – सविता सिंह

शुष्क है यह भग्न उर नीर नयनों में भरा ताप विरहाग्नि सहे, कंपित हुई यह धरा। तिमिरमय इस चेतना में भोर फिर से क्या उगेगी? तृप्ति फिर से तब मिलेगी!!…

हीट वेव – सुनील गुप्ता

( 1 ) भीषण गर्मी हीट वेव लहर.., धरा बंजर  !! ( 2 ) कंठ हैं सूखे तड़पते अधर.., जाएं किधर !! ( 3 ) हैं जीव जंतु सभी प्यासे…

Gen Z – प्रदीप सहारे – प्रदीप सहारे

चाय के कट्टे पर, खड़ा वह मस्त। रंग-बिरंगी शर्ट, लोअर सी जीन्स। बिखरे बाल, घुंघराले दस इंच ऊपर। दाढ़ी भी कुछ बिखरी। आँखों पर ज़ीरो नंबर का चश्मा, कानों में…

संघर्ष, साधना और सुरों की अनुपम विरासत : लोकगायक अशोक शर्मा की प्रेरणादायी जीवनगाथा

vivratidarpan.com सिमरा (मुजफ्फरपुर)  –  मुजफ्फरपुर जिले के बंदरा अंचल अंतर्गत ग्राम सिमरा के निवासी आदरणीय अशोक शर्मा जी एक ऐसे संगीत साधक हैं, जिनका जीवन संघर्ष, संगीत और श्रद्धा का…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

करेगा बात वफा की जहन मे तू आयेगा, हँसेगा  देख  मुझे और मुस्कुराएगा।।   किया है प्यार भी तुमसे,वफा निभाएगा, बनोगे मेरे सजन दिल हमे जताएगा।   रखो नही उम्मीदे…

जन-जन तक हिंदी पहुँचे – डॉ. गुंडाल विजय

साहित्य के लिए संगत हूं, देश के लिए अर्पित हूं। माता-पिता के लिए गर्व हूं, संस्कारों का सच्चा पर्व हूं। कविता के लिए चौकीदार हूं, सत्य पथ का पहरेदार हूं।…

उफ ये भयंकर गर्मी – अनिल भारद्वाज

तप रहे धरती गगन उफ ये भयंकर गर्मी, उगल रही है आग उफ ये भयंकर गर्मी।   इसके जुल्मो सितम से बिजली ही बचाती है, एसी फ्रिज कूलरों से ठंडकें…