vivratidarpan.com – क्या साहित्य की आवाज़ सचमुच पाठक तक पहुँच रही है, या वह मंच की भीड़ में कहीं खोती जा रही है? कहा जाता है—“साहित्य समाज का दर्पण है।”…
1. मुखपृष्ठ: – पुस्तक का आवरण अत्यंत भव्य, कलात्मक एवं प्रासंगिक है। इस पर राजमहल के अंतःपुर की पृष्ठभूमि में चित्रित दृश्य में रानी कैकेयी गुलाबी वस्त्राभूषणों में गरिमामयी भाव…
vivratidarpan.com – माता-पिता/ सास-ससुर की स्मृतियों को जीवंत रखने के उद्देश्य से अंजू श्रीवास्तव/ सुधीर श्रीवास्तव द्वारा स्थापित ‘विमला ज्ञान साहित्य मंच पर नवरात्रि विशेष आभासी काव्य गोष्ठी का आयोजन…
vivratidarpan.com – सेवानिवृत्त होने के उपरांत महाविद्यालय पहुँचा, तो कुछ आत्मीय साथियों ने गर्म जोशी से स्वागत किया। कुछ ऐसे भी थे, जिन्होंने उपेक्षित नजरों से देखकर मुझसे दूरी बना…