केदारनाथ धाम की मर्यादा को खतरे में डालती बढ़ती भीड़ और रील संस्कृति – दीपक नौंगाई ‘अकेला’

vivratidarpan.com – लगभग तेईस हजार फीट की ऊंचाई पर एक तरफ बर्फ से ढकी चोटियां साफ दिखाई देती हैं, तो दूसरी ओर अनावृत पठारी शिखर श्रेणियां छाती तान खड़ी रहती…

राष्ट्रीय अध्यक्ष डी एल शर्मा ने पौधा रोपण कर मनाया स्थापना दिवस

vivratidarpan.com – न्यू आदर्श आदर्श श्रमजीवी पत्रकार संघ राष्ट्रीय के स्थापना दिवस 16 जून के उपलक्ष्य में आवाहन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 अनंत श्री विभूषित अवधूत बाबा श्री अरूण…

आवाह्न पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर पहुँचे मां तारापीठ

vivratidarpan.com पश्चिम बंगाल । आवाहन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 अनन्त श्री विभूषित अवधूत बाबा अरूण गिरी जी महाराज (एन्वायरमेंट बाबा), तुलसी माता ऋषिकेश – उत्तराखंड, आनन्द गुरुजी –…

वो अंगनाई क्यों हुई पराई – नीलांजना गुप्ता

मेरा रिश्ता जोड़ दिया दूजे आँगन से ओ बाबुल क्यों हुई पराई अब भी याद आती हैं मुझको वो गलियाँ वो अंगनाई क्यों हुई पराई भूल गए क्यों मैं भी…

भोजपुरी कृषि गीत –  श्याम कुंवर भारती

खेतवा जोतवले हइ, पनिया भरवले हइ। खेतवा निखार कके बियवा छिंटवले  हइ। लगवले हई महंग वाली मजदूरिया हो, पिया छोड़ा ना शहरिया। देखा आके आपन खेतबरिया हो। पिया छोड़ा ना…

मुख्यमंत्री धामी ने खेत में चलाया टिलर, पारंपरिक कृषि और जैविक खेती को बढ़ावा देने का दिया संदेश

खटीमा, 15 जून, 2026, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को अपने निजी आवास नगला तराई स्थित खेत में स्वयं टिलर चलाकर खेत की जुताई की तथा खेत में गोबर…

सीमावर्ती जिलों में जनसांख्यिकीय बदलाव पर सक्रिय केंद्र सरकार – इंजी. कवि अतिवीर जैन “पराग”

vivratidarpan.com – पांच राज्यों के चुनाव से निवृत्त होकर गृहमंत्री अमित शाह ने सीमावर्ती जिलों में जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर ध्यान दिया और इस हेतु गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक बुलाई।…

निहंग सिंद्यों की हमलावरों की गिरफतारी न होने के विरोध में समूह संगत ने दिया धरना

vivratidarpan.com देवबंद — एक सप्ताह पूर्व तल्हेड़ी में निहंग सिंघ भाईयों पर हुए हमले के आरोपियों की अभी तक गिरफतारियां न होने पर आक्रोशित जिले की समूह संगत ने किसान…

फैसला – कंचन श्रीवास्तव

क्या सचमुच सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला अमल किया जायेगा या इसका भी मज़ाक उड़ाया जायेगा वहां जहाँ स्त्रियों को सिर्फ़ भोग की वस्तु समझी जाती है वहां जहाँ चौखट के…

मेहंदी के पत्ते – राजलक्ष्मी श्रीवास्तव

मेहंदी के पत्ते चुपचाप हँसते, हरियाली में अपने रंग को रचते। कोमल डाली पर सपने सजाए, धूप में भी ठंडी छाया बन जाए। हाथों की रेखा में गीत उतारे, मन…