आज हरेला पर्व है
हरियाली त्योहार।
वृक्ष लगाकर कर रहे,
धरती का श्रृंगार ।
पर्व मनाने मात्र से,
नही बनेगी बात।
वृक्षों का संरक्षण हो,
तभी बनेंगी बात।
वृक्षों की रक्षा करने का
व्रत ले आज कठोर
वृक्ष कटेंगे तो साँसों की,
कट जाएगी डोर।
-डा० क्षमा कौशिक, देहरादून
