सड़क की भूमि छोड़, निजी भूमि में बिजली का खम्भा लगाने से आमजन परेशान

vivratidarpan.com  नरकटियागंज :  नरकटियागंज नगर परिषद के वार्ड संख्या 14 में मुख्य सड़क एसएच 105 की भूमि से अतिरिक्त अन्य भूमि में बिजली का पोल लगाने के विरोध के बावजूद पथ निर्माण विभाग और नार्थ बिहार पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के कान पर जूँ नहीं रेंग रहा है। इस बावत अंचल कार्यालय के सड़क की पैमाइश 21 जून 2026 के सम्बंध में कार्यपालक अभियंता कमल नारायण प्रसाद डीजीएम बीएसआरडीसीएल ने अनभिज्ञता व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि बीएसआरडीसीएल के सहायक अभियंता व अन्य की उपस्थिति में सड़क की पैमाईश की गई। जिसमें कालीकृत सड़क के व्हाइट लाइन से 6 फ़ीट दक्षिण तक सड़क और नाली निर्माण किया जाना है उसके बगल में बिजली का पोल लगाना है। किन्तु ऐसा नहीं किया जा रहा है, जिससे सड़क निर्माण कम्पनी और नगरवासी दोनों परेशान है। नगर परिषद नरकटियागंज में सड़क के किनारे बिजली का पोल लगाया जा रहा है। सड़क चौड़ीकरण अच्छा कार्य है किंतु इसकी आड़ में अतिक्रमणकारियों क़ो प्रश्रय देना, असहाय स्त्री-पुरुष क़ो डराना, पिछड़े व दलितों क़ो धमकाना अच्छी बात नहीं है। रंजीत पासवान व उनकी पत्नी का कहना है कि ज़ब सड़क की भूमि और पुराना ट्रांसफार्मर सही जगह पर है तो उसे किसी के घर के बगल में अनावश्यक लगाना कितना उचित है। स्थानाभाव में वैसा किया जाना विवशता हो सकती है, किंतु पर्याप्त स्थान के रहते हुए, जबरन ऐसा करना उचित प्रतीत नहीं होता है। ऐसा एक स्थान पर नहीं कई जगह पर किया गया है। राजेंद्र पासवान बताते हैं कि घर के सामने नाली के बगल में बिजली का पोल लगाने की जगह दीवाल ने सटा कर पोल लगा दिया गया है। श्री पासवान एनबीपीडीसीएल के सहायक और कनीय अभियंता से मिले किंतु कोई सार्थक पहल नहीं हुई। नीलम देवी ने बताया कि बिजली का पुराना खम्भा सड़क की भूमि से डेढ़ फ़ीट अलग है वहां खम्भा नहीं लगाकर बहुत भीतर लगा दिया गया है। नगर वासियों ने माँग किया है कि मानवीय सुरक्षा व हित को देखते हुए बिजली के खम्भे को पुनः व्यवस्थित करने की आवश्यकता है। इस दिशा में नगर परिषद, सड़क विभाग और एनबीपीडीसीएल को सार्थक पहल करने की आवश्यकता है, अन्यथा भविष्य में दुर्घटना की संभाव्यता से इनकार नहीं किया जा सकता है। नगर वासियों ने माँग किया है कि सड़क की भूमि के सटे बिजली का पोल लगाया जाए और सड़क का निर्माण शांतिपूर्ण ढंग से किया जाए।  रिपोर्ट डॉ अनमोल कुमार

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