vivratidarpan.com – गुणवत्तायुक्त भोजन आपूर्ति सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विकास कार्यालय, एम एस एम ई मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा बक्सर मे आयोजित ‘पीएम विश्वकर्मा जागरूकता कार्यक्रम’ के दौरान आमंत्रित प्रतिभागियों और कारीगरों को खान-पान केटरिंग सेवा प्रदान करने वाली एजेंसी द्वारा अत्यधिक खराब, अस्वच्छ, स्वाद हीन एवं अस्वास्थ्यकर भोजन परोसा गया। प्रतिभागियों मे इस कारण आक्रोश था। छानबीन के दौरान पाया गया कि :
एम एस एम ई विकास कार्यालय, पटना के प्रशासन अनुभाग द्वारा जेम का कार्य किया जाता है और उनके द्वारा नीतांजली इंटरप्राईजेज़, पटना को कांट्रैक्ट दिया गया लेकिन कांट्रैक्ट के अनुसार कार्य को नहीं किया गया।
निम्न गुणवत्ता एवं स्वच्छता की कमी: भोजन बासी, अधूरा पका हुआ और अस्वास्थ्यकर वातावरण में तैयार किया गया था।
मेन्यू का उल्लंघन: टेंडर/अनुबंध में निर्धारित गुणवत्ता मानकों और मेन्यू के अनुसार खान-पान सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई।
प्रतिभागियों का असंतोष: कार्यक्रम में उपस्थित विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों एवं अतिथियों ने भोजन की गुणवत्ता पर कड़ा विरोध जताया
इस पर जेम का कार्य देख रहे अधिकारी से संपर्क कर उनका पक्ष जानने कि कोशिश की गई परंतु कोई संपर्क नहीं हो सका। इस संबंध मे अब तक विभाग द्वारा कोई कारवाई नहीं की गई है , इसमे सीधे तौर पर प्रतीत होता है की उनकी भी मिली भगत है और इसमे लेन – देन का भी मामला लगता है अन्यथा भोजन कांट्रैक्ट के अनुसार ही होता है। एजेंसी पर अभी तक कारवाई हो जानी चाहिए थी लेकिन अभी तक नहीं हुआ इससे एम एस एम ई मंत्रालय, भारत सरकार का प्रतिष्ठा धूमिल हो रहा है।
भुगतान पर रोक:- एजेंसी के बकाया बिलों के भुगतान को तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाए।
ब्लैकलिस्टिंग :- भविष्य में एम एस एम ई विकास कार्यालय के साथ किसी भी सरकारी विभाग के टेंडर में भाग लेने से एजेंसी को प्रतिबंधित किया जाए।
कारण बताओ नोटिस:- एजेंसी को 3 कार्यदिवसों के भीतर गुणवत्ताहीन भोजन देने का स्पष्टीकरण देने हेतु नोटिस जारी किया जाए।
भविष्य हेतु सुधारात्मक कदम
भविष्य के कार्यक्रमों के लिए कैटरिंग टेंडर में कड़े गुणवत्ता मानक और पेनल्टी क्लॉज समूह चर्चा शामिल किए जाएं।
भोजन परोसे जाने से पूर्व एक स्थानीय निरीक्षण समिति द्वारा खाद्य सामग्री के स्वच्छता और गुणवत्ता की जांच अनिवार्य की जाए।
