vivratidarpan.com देवबंद — मिशन शक्ति फेज-5.0 के चरण-2 के अंतर्गत मंगलवार को थाना देवबंद की एंटी रोमियो एवं मिशन शक्ति टीम द्वारा कस्बे के व्यस्त एवं सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं को उनकी सुरक्षा, अधिकारों तथा शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
पुलिस टीम ने महिलाओं एवं बालिकाओं को विधवा पेंशन योजना, मुख्यमंत्री सुमंगला योजना, बाल कल्याण योजनाओं समेत महिलाओं और बच्चों के हित में संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही बाल मजदूरी के विरुद्ध बनाए गए कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए लोगों से बाल श्रम को रोकने और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की अपील की गई।
अभियान के दौरान टीम ने बालिकाओं से संवाद करते हुए उनकी समस्याओं एवं सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बारे में जानकारी ली। पुलिसकर्मियों ने बालिकाओं को किसी भी प्रकार की परेशानी, छेड़छाड़, उत्पीड़न अथवा असुरक्षा की स्थिति में बिना संकोच पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही महिलाओं एवं बालिकाओं को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति भी जागरूक किया गया तथा सोशल मीडिया, ऑनलाइन लेन-देन, संदिग्ध लिंक, ओटीपी और व्यक्तिगत जानकारी साझा करने में सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
टीम द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं को विभिन्न महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। इनमें 1090 वूमेन पावर लाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 1930 साइबर अपराध हेल्पलाइन, 112 पुलिस आपातकालीन सेवा तथा 108 एंबुलेंस सेवा शामिल हैं। पुलिस टीम ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति या समस्या के समय संबंधित हेल्पलाइन का उपयोग कर तत्काल सहायता प्राप्त की जा सकती है।
इस दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं को जागरूकता संबंधी पंपलेट भी वितरित किए गए, जिनमें सुरक्षा उपायों और महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें अपने अधिकारों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना है।
अभियान के दौरान पुलिस टीम ने महिलाओं एवं बालिकाओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की समस्या को छिपाने के बजाय तत्काल पुलिस अथवा संबंधित हेल्पलाइन से संपर्क करें। जागरूकता अभियान के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा के प्रति विश्वास बढ़ाने तथा उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग करने का प्रयास किया गया।
रिपोर्टर – महताब आज़ाद
