टीवी पर दुनिया नई,
नन्ही-नन्ही आँख।
ज्ञान, हँसी, कल्पनाएँ,
भर दें मन में पाँख॥
सोफ़े पर बैठा हुआ,
देखे ध्यान लगाय।
रंग-बिरंगी हर कथा,
मन में खुशी जगाय॥
सीखे अच्छे संस्कार,
सुनकर मीठी बात।
सच, साहस, सद्भाव का,
पाए सुंदर साथ॥
खेल-कूद भी ज़रूरी,
पढ़ना भी हर रोज़।
संतुलन से ही मिले,
जीवन का सरताज॥
माँ-पापा की सीख से,
बढ़े सदा सम्मान।
नन्हे सपनों को मिले,
उज्ज्वल आसमान॥
– डॉ. प्रियंका सौरभ
उब्बा भवन, आर्यनगर
हिसार (हरियाणा) – 125005
मोबाइल: 7015375570
