चला चल रे
अनुभूतियों के सहारे..,
प्रभु मार्ग पे ओ बंदे !
तुझे मिल जाएंगे
प्रिय सखा यहाँ पे..,
बस नाम जप तू करले !!1!!
हर पल जपले
मन भीतर अपने..,
वो राह देखता ओ बंदे !
दर्शन देने आएंगे
श्रीहरि दर पे..,
बस नाम जप तू करले !!2!!
नैन सजल रे
प्रभु याद करते..,
प्रेमभाव में उतरे डूबे !
आनंदरुप हरि आएंगे
मन आँगन में..,
बस नाम जप तू करले !!3!!
– सुनील गुप्ता ,जयपुर, राजस्थान |
