( 1 ) आओ
याद करें,
बीती बिसरी, मधुर स्मृतियाँ !!
( 2 ) याद
करते फ़िरसे,
उन पलों में, खोजें खुशियाँ !!
( 3 ) करें
मुलाक़ात उनसे,
जिनसे मिल, झूमी थी वादियाँ !!
( 4 ) भूला के
दुःखों को अपने,
आओ सजा लें, मन बगिया !!
( 5 ) खोल दें
यादों के दरीचे,
चलें महकाते, अपनी दुनिया !!
सुनील गुप्ता (सुनीलानंद), जयपुर, राजस्थान
