vivratidarpan.com -लखनऊ के वरिष्ठ साहित्यकार, समीक्षक श्री विनय श्रीवस्ताव जी ने एक वैचारिक, साहित्यिक विमर्श छेड़ते हुए अभिव्यक्ति दी है, उनका कथन है कि “कविता में बौद्धिकता का पुट…
शूद्र अछूत कह जिन्हें, माना था लाचार। फूले ने दी सीख तो, खोला ज्ञान-द्वार॥ यज्ञ-जपों की आड़ में, होता रहा प्रपंच। फूले ने जब कहा ‘नहीं’, टूटा झूठा मंच॥…
Vivratidarpan.com – दैवी अनुग्रह प्राप्त करने के लिए पूजा उपासना ही एक मात्र मार्ग नहीं है। इसके अतिरिक्त परमार्थ प्रयोजनों में रत रहने वालों ने भी अध्यात्म क्षेत्र की अभीष्ट…