जबलपुर में रामायण केंद्र की स्थापना

Vivratidarpan.com जबलपुर – डॉक्टर राजेश श्रीवास्तव निदेशक,  रामायण केंद्र भोपाल के सफल निर्देशन एवं मार्गदर्शन में सनातन धर्म के प्राण स्वरूप महान धार्मिक ग्रंथ श्री रामचरितमानस एवं वाल्मीकि रामायण के…

ग़ज़ल – विनोद निराश

  भेद जुबां के मैं खोल न पाया, दिल की बात मैं बोल न पाया।   सब कुछ किया उल्फत में तेरी, मन तेरा कभी टटोल न पाया।   कभी…

अनुगीतिका – मधु शुक्ला

  रूप पुस्तक के कई उपलब्ध हैं संसार में, वृद्धि इनसे लोग करते ज्ञान के भंडार में।   लोग पढ़ते पुस्तकों को प्राय रुचि अनुरूप ही, ये सखा बन साथ…

पहलगाम के आँसू – डॉ सत्यवान सौरभ

वो बर्फ से ढकी चट्टानों की गोद में, जहाँ हवा भी गुनगुनाती थी, जहाँ नदियाँ लोरी सुनाती थीं, आज बारूद की गंध बसी है।   वो हँसी जो बाइसारन की…

पृथ्वी दिवस – सुनील गुप्ता

( 1 ) धरा हमारी है स्वर्ग सी सुंदर, इसे सहेजें !!   ( 2 ) माता धरती पुत्र हम इसके, स्नेह दिखाएं  !!   ( 3 ) श्रृंगार करें…

पहलगाम हमला: राजनीति नहीं अब रणनीति तय करने की आवश्यकता – संदीप सृजन

Vivratidarpan.com पहलगाम – पहलगाम की बैसरन घाटी, जिसे ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से जाना जाता है, एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। यहॉं हुए हमले की टाइमिंग कई मायनों में महत्वपूर्ण…

बी फैबुलस द्वारा वार्षिक पत्रिका रिलीज़ की घोषणा

Vivratidarpan.com – प्रतिष्ठित प्रकाशन के.सी. पब्लिशर्स नई दिल्ली के तत्वाधान में, बी फैबुलस द्वारा एक वार्षिक पत्रिका के आगामी रिलीज़ की घोषणा करते हैं। यह प्रतिष्ठित वार्षिक पुस्तिका विभिन्न क्षेत्रों…

संवाद (समग्र दोहे) – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

जीवन में संवाद का, होता बड़ा महत्व। रिश्तों के आधार का, यही प्रमुख है तत्व।।१   संवादों के तंतु से, बुन लें चादर एक। इसे सहेजें कर जतन, करती काम…

इंसान की तरह – अनिरुद्ध कुमार

लगता यहाँ हर आदमीं अंजान की तरह, मतलब फरोशी हर घड़ी नादान की तरह।   सब फायदे के खेल में दौड़ें इधर उधर, दहशत मचीं चारो तरफ तूफान की तरह।…

कोई पानी डाल दे तो मैं भी चौंच भर पीलूं: चुपचाप मरते परिंदों की पुकार – प्रियंका सौरभ

Vivratidarpan.com – तेज़ होती गर्मी, घटते जलस्रोत और बढ़ती कंक्रीट संरचनाओं के कारण पक्षियों के लिए पानी और छांव जैसी बुनियादी ज़रूरतें भी दुर्लभ होती जा रही हैं। परिंदे हमारे…