सौरभ छंद सरोवर- काव्यमय जीवन दर्शन

vivratidarpan.com – सुनीता सिंह सरोवर द्वारा रचित प्रस्तुत संग्रह ‘धराधाम’ इंटरनेशनल के प्रमुख सौहार्द शिरोमणि संत डा. सौरभ एवं उनकी धर्मपत्नी डा. रागिनी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित है।…

मेहमान – डॉ सत्यवान सौरभ

  पाँच की मैगी साठ में खरीदी, सौदा भी कोई सौदा था? खच्चर की पीठ पे दो हज़ार फेंके, इंसानियत भी कोई इरादा था?   बीस के पराठे पर दो…

बेसुरा वक्त है – अनिरुद्ध कुमार

  देख आतंक लगता बुरा वक्त है लगरहा नफरतों से भरा वक्त है   आदमी इसकदर बेरहम बेवफा मतलबी आंधियोंका हरा वक्त है   रो रही जिंदगी जलरहा है जहाँ…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

  बाँध बैठे सर कफन वीरो की टोली एक दिन, फिर खुशी से मौत उनको है चूमती एक दिन।   कर रही है आज राधा,श्याम का इंतज़ार भी, श्याम के…

गीत (माँ का प्यार दुलार) – मधु शुक्ला

  माँ का प्यार दुलार जगत में , निर्मलता बरसाता है। त्याग, क्षमा के पुष्पों द्वारा, अवचेतन महकाता है।   रिश्तों का संसार हमारी , करनी का प्रतिफल देता। सहयोगी…

मातृ दिवस – क्षमा कौशिक

सबसे पहले नमन हमारा भारत माता को। जिसकी माटी में जन्में उस भाग्य विधाता को।।   खेल कूद कर बड़े हुए जिसकी रज चंदन में। शब्द नहीं जो अर्पित कर…

माता भाग्य विधाता (आल्ह छंद ) – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

  माँ जननी माता या माई, मदर बोलता है संसार। अलग बोलियों भाषाओं में, दिए नाम हैं कई हजार।1   सबके नयनों में बसता है, जन्मदात्रि का रूप अनूप, गर्भ…

प्रोपेगेंडा और झूठी ख़बरों से सतर्क रहें – प्रियंका सौरभ

  Vivratidarpan.com – युद्ध के दौरान फैलाई गई झूठी खबरें न केवल सैनिकों और आम नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डालती हैं, बल्कि समाज में भय और नफरत का…

शब्दों की गुल्लक, भावों का प्रवाह – सुधीर श्रीवास्तव

vivratidarpan.com – युवा कवियित्री एकता गुप्ता ‘काव्या’ का एकल काव्य संग्रह ‘शब्दों की गुल्लक’ एक अनुभूति है। जिसे कोरोना काल में लेखन से पहचान बनाने वाली एक युवा कवयित्री के…

कितने दूर कितने पास – सुनील गुप्ता

  ( 1 ) हम कितने दूर, कितने पास पूछो जरा तुम दिल से यार  ! कहो कुछ तुम, सुनें कुछ हम…., कितना करते हो, तुम हमसे प्यार  !!  …