डा. अमित कुमार के काव्य संग्रह ‘मैं मौन हूँ’ में प्रेम, करुणा और आत्मबोध का समावेश – सुधीर श्रीवास्तव

vivratidarpan.com युवा कवि एवं साहित्यकार एवं नव साहित्य परिवार भारत के संस्थापक/नव साहित्य ई पत्रिका के संपादक डॉ. अमित कुमार बिजनौरी के प्रथम काव्य संग्रह ‘मौन हूँ मैं’ के प्रकाशित…

युवा-चेतना का अमर दीप – रोहित आनंद

युवक-हृदय के दीपक तुम हो, भारत-भू का अभिमान हो, वेद-विवेक की ज्योति लेकर, जगे राष्ट्र की पहचान हो। उठो, जागो—यह मंत्र दिया, नव-चेतना का प्राण हो, नर में नारायण देखने…

गीत – जसवीर सिंह हलधर

काव्य रूपी नाव ले उस पार जाना चाहता हूँ । शब्द की पतवार से सागर हराना चाहता हूँ ।। गद्द रूपी पंक्तियों को तोड़कर कविता बनायी । रेत में डूबी…

जाना है उस पार – अनिरुद्ध कुमार

छूट रहा सब रिश्ता नाता, अब क्या सोंचे यार। मन का पंछी चला अकेला, जाना है उस पार।। सोन चिरैया तोले मोले, बेचैनी में क्या क्या बोले, बार बार लेती…

कहानिका शिखा आभासी कवि सम्मेलन हुआ सम्पन्न

vivratidarpan.com – कहानिका हिंदी पत्रिका (महिला कल्याण समिति धोरी,बोकारो द्वारा संचालित) के छत्तीसगढ़ अध्याय द्वारा शिखा गोस्वामी निहारिका ,केंद्रिय सूचना प्रभारी और विभा तिवारी सह संपादक, कहानिका तथा छत्तीसगढ़ राज्य…

बदलता साल – सुनील गुप्ता

( 1 ) बदले साल हम न बदलें तो, हो बुरा हाल  !!   ( 2 ) घर में टंगे कैलेंडर की जैसे, हमारा हाल  !!   ( 3 )…

कितना लगता है प्यारा – अनिरुद्ध कुमार

पल-पल जीवन बीत रहा, सुख-दुख का संगीत रहा। भटक रहा मन कहाँ कहाँ, हार जीत मनमीत रहा।   लम्हा पथ रोक खेल करें, आनंदित अठखेल करें। मानव जीवन काट रहा,…

पूर्णिका – श्याम कुंवर भारती

दिल लेके दिल नहीं दिया तुमको हम बेईमान कहेंगे। कद्र नहीं नाजुक दिल नहीं तुमको हम कद्रदान कहेंगे।   अपनी मर्जी से आना जाना आंखों को प्यासा छोड़कर। तड़पता देख…

सोच को बदलो, त्यौहार नहीं – ज्योती वर्णवाल

हम गर्व से कहते फिरते हैं, बच्चा मेरा ‘कान्वेंट’ जाता है, ए.बी.सी.डी. जब वो बोले, तब मन बड़ा हर्षाता है। तब रीत नहीं आड़े आती, न ही संस्कृति घबराती है,…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

नगमे गाओ साल-ए-नौ के। खौफ़ मिटाओ साल-ए-नौ के।   जाएगा अब साल पुराना जश्न मनाओ साल-ए-नौ के।   लड्डू बाँटे प्यार से यारों दिल से खिलाओ साल-ए-नौ के   मंजिल…