सर्दी की धूप जैसे तुम – रुचि मित्तल

कोई शोर नहीं, कोई जल्दबाज़ी नहीं बस एक धीमी, लगातार मौजूदगी जैसे सूरज की किरणें बिना पूछे, बिना शर्त चुपचाप सब कुछ छू लेती हैं तुम दूर होकर भी इतने…

बसंत पंचमी एवं गणतंत्र दिवस पर मकस कहानिका द्वारा आभासी अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन आयोजित

vivratidarpan.com – मकस कहानिका यूपी अध्याय द्वारा आयोजित बसंत पंचमी एवं गणतंत्र दिवस आभासी अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन का शुभारंभ अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। यह भव्य साहित्यिक आयोजन 25…

माँ सरस्वती – सुनील गुप्ता

( 1 )” माँ “, माँ शारदे भगवती वाग्देवी सरस्वती करते हैं नमन वंदन स्तुति ! आपसे मिलती हमको शक्ति…., करें नित बारम्बार आपकी भक्ति !! ( 2 )” स…

दर्द में भी – त्रिशिका धरा

दर्द में भी हंस के जीना आ गया, अब हमें भी अश्क़ पीना आ गया। ज़ख़्म इसने था दिया हम को कभी, जनवरी का फिर महीना आ गया। हम को…

वेदने तू धन्य है री – अनुराधा पाण्डेय

सतत हर्ष में भीड़ सी इक लगी थी, अकेला मगर आज संताप मेरा।   जगत रीत तो ज्ञात थी पूर्व से ही, कभी कंटकों में न जग साथ देगा। पता…

नेताजी – रुचि मित्तल

वो तस्वीर नहीं थे जो दीवार पर टाँग दी जाए वो सवाल थे जो हर गुलामी से सीधा टकराता है। जब बोलना सुरक्षित था, तब उन्होंने लड़ना चुना। जब भीख…

साथ निभाना साथिया – शिवनाथ सिंह

साथ निभाना साथिया, तुम भूल नही जाना  । कदम आगे ही बढाना,पर तनिक ना घबड़ाना  ।   मंजिले फिर मिलेगीं , हम कामयाब होंगे । हरदम जो साथ मिल कर,…

भोजपुरी सरस्वती गीत – श्याम कुंवर भारती

पूजीला चरण माई हम तोर, हे मइया विद्या के दानी। बिनवा के होला बड़ा शोर, हे मईया विद्या के दानी। हंस के सवारी औरी हथवा में विनवा। दे दा विद्या…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

ऐसा है मेरा यार,मै तकरार क्या करूँ? तू बेवफा है तुझसे भला प्यार क्या करूँ?   पलके झुका ली मैने कि इज़हार क्या लिखूँ, नाकाम मोहब्बत पे  मैं यल़गार क्या…

अधूरी ख्वाहिशे जिंदगी की – नीलांजना गुप्ता

अधूरी ख्वाहिशें जिन्दगी की लुभाती हैं। मृगतृष्णा के रेगिस्तान में दौड़ाती हैं ।। अपनी परछाई यहाँ कौन पकड़ पाया है। हैं दिवास्वप्न ये इंसान को घुमाती हैं।। सबने पलकों पे…