महात्मा बनादास जी महाराज : तप, त्याग और तत्त्व का त्रिवेणी संगम

vivratidarpan.com – भारत की आध्यात्मिक धारा में असंख्य संतों ने अपनी साधना से मानवता का पथ प्रशस्त किया है। कुछ संत अपने चमत्कारों से प्रसिद्ध हुए, कुछ उपदेशों से, और कुछ…

ओंकारेश्वर:जहां आज भी चौपड़ खेलते हैं शिव पार्वती – अंजनी सक्सेना

vivratidarpan.com – श्री शिवमहापुराण के इस श्लोक में “ओंकारं अमलेश्वरम्” का उल्लेख है, जो यह दर्शाता है कि ओंकारेश्वर (और इसके सह स्वरूप ममलेश्वर) एक ही दिव्य शक्ति के रूप…

बाबा बैद्यनाथ : देवघर जेल में बनता है जिनका ‘पुष्प नाग मुकुट – कुमार कृष्णन

vivratidarpan.com – द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रतिष्ठित झारखंड के वैद्यनाथ मंदिर में सावन की शुरुआत के साथ ही हजारों कांवड़ यात्री देवघर पहुंचने लगे हैं। परंपराओं के अनुसार, देश भर से कांवड़…

रामायण केंद्र, जबलपुर द्वारा “गुरु-तत्व” पर एक परिसंवाद कार्यक्रम का हुआआयोजन

vivratidarpan.com जबलपुर – रामायण केंद्र जबलपुर द्वारा वैशाली परिसर स्थित मंदिर प्रांगण में “गुरु-तत्व” विषय पर एक परिसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत में सबसे पहले…

भगवान श्री मल्लिकार्जुन- जिनके दर्शन के बाद नहीं होता है पुनर्जन्म – अंजनी सक्सेना

vivratidarpan.com –  देवाधिदेव महादेव के बारह ज्योर्तिलिंगों में से दूसरा ज्योर्तिलिंग मल्लिकार्जुन के रूप में श्री शैलम् पर विराजमान है। श्री शैलम् में विराजमान इन मल्लिकार्जुन को सर्व सुख प्रदायक…

आराधिका साहित्यिक पर मंच भव्य ‘गुरु पूर्णिमा’ विषयक काव्य गोष्ठी

vivratidarpan.com – आराधिका साहित्यिक मंच (पंजी.) के तत्वावधान में 10जुलाई’ 2025 को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर एक भव्य आभासी काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। जो 4:00 बजे से…

गुरुपूर्णिमा महोत्सव – गोस्वामी आनंद वल्लभ महाराज

vivratidarpan.com – गुरु पूर्णिमा का दिन भक्तगण बहुत श्रद्धा से मनाते हैं। इस दिन हर एक व्यक्ति गुरु स्थान पर उनका आशीर्वाद लेने जाते हैं। सतगुरु अर्थात परमपिता परमात्मा कहते…

चातुर्मास में भगवान विष्णु एवं महादेव शिव की उपासना – अंजनी सक्सेना

vivratidarpan.com – चातुर्मास यानि आषाढ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी तक का समय सब पापों का नाश करने वाला है। स्कंद‌पुराण में कहा गया है कि इस अवधि…

रामचरितमानस में व्यंग्य के प्रसंग – विवेक रंजन श्रीवास्तव

vivratidarpan.com – रामचरितमानस एक धार्मिक ग्रंथ ही नहीं, भारतीय जनमानस का भावनात्मक दस्तावेज भी है। गोस्वामी तुलसीदास ने इसकी रचना भक्तिभाव से की, परंतु इसमें जीवन के विविध रंग उपस्थित…

महर्षि वेद व्यास से एआई तक गुरु की आवश्यकता अपरिवर्तनीय – डॉ.संजय कुमार पाठक

vivratidarpan.com –  महर्षि वेद व्यास ने महाभारत, पुराणों और भारतीय ज्ञान-परंपरा को संरचित किया, वे गुरु परंपरा के मूल प्रतीक हैं। उनकी भूमिका मात्र ज्ञान देने की नहीं, बल्कि धर्म,…