रक्षाबंधन प्रज्ञान और सूर्यांशी का

छोटे-से प्रज्ञान की कलाई पर जब सूर्यांशी ने रक्षासूत्र बाँधा, उसमें न कोई दिखावा था, न कोई कहावत, बस मासूम सा वादा था। सूर्यांशी बोली—”भैया, तुम छोटे हो, पर हमेशा…

वाराही धाम-जहाँ रक्षाबंधन पर देवी को प्रसन्न करने के लिए लड़ा जाता है युद्ध – रमाकान्त पन्त

vivratidarpan.com   जनपद चम्पावत के देवीधूरा में स्थित माँ वाराही देवी शक्तिपीठ वाराही धाम के नाम से लोक प्रसिद्ध है। प्राचीन काल से ही यह पावन धाम माँ वाराही देवी की…

जीवन की अमूल्य धरोहर हैं माता-पिता – फौज़िया नसीम शाद

vivratidarpan.com – आज की निरंतर बदलती जीवनशैली और उपभोक्तावादी सोच ने हमारे सामाजिक संबंधों की बुनियाद को ही डगमगा दिया है। रिश्तों में प्रेम, विश्वास और अपनापन अब उतना सहज…

अद्भुत, अनंत, अकल्पनीय है काशी की महिमा – अंजनी सक्सेना

vivratidarpan.com – जब हम काशी,वाराणसी या बनारस कहते हैं, तब हम मात्र काशी विश्वनाथ और गंगा स्नान के विषय में ही सोचते हैं। इन स्थानों के अतिरिक्त भी काशी में…

मृतक मासूम बच्चों के परिवार को एक करोड़ व सरकारी नौकरी की माँग

vivratidarpan.com शिवगंज (राजस्थान) –  झालावाड़ जिले के पीपलोदी सरकारी स्कूल की छत गिरने से मासूम बच्चों की मौत मृतक प्रत्येक परिवार को एक-एक करोड़ व आश्रितों को सरकारी नौकरी दिये…

पंचमुखी स्वरुप में दर्शन देते हैं नेपाल के पशुपतिनाथ – अंजनी सक्सेना

vivratidarpan.com – नेपाल की राजधानी काठमांडू के पूर्वी भाग में बागमती नदी के किनारे पर देवाधिदेव महादेव पंचमुखी स्वरूप में पशुपतिनाथ के रुप में विराजमान है। पशुपतिनाथ मंदिर में यूं…

हरियाणा के संगमेश्वर महादेव जहां नागराज शिवलिंग से लिपटते हैं – पवन वर्मा 

vivratidarpan.com – देवादिदेव भगवान शंकर जिन्हें नीलकंठ, आशुतोष, भोले भंडारी आदि अनेक नामों से स्मरण किया जाता है का अत्यंत प्राचीन तीर्थ हरियाणा के अरुणाय नामक कस्बे में है, जो पिहोवा…

कांवड़ या हुड़दंग? आस्था की राह में अनुशासन की दरकार- प्रियंका सौरभ

  vivratidarpan.com – कांवड़ यात्रा का स्वरूप अब आस्था से हटकर प्रदर्शन और उन्माद की ओर बढ़ गया है। तेज़ डीजे, बाइक स्टंट, ट्रैफिक जाम और हिंसा ने इसे बदनाम…

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग: जब भक्त की रक्षा के लिए स्वयं प्रकट हुए भगवान – अंजनी सक्सेना

vivratidarpan.com – भगवान शंकर के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग दसवां है। यहां भगवान शंकर नागेश्वर स्वरूप में अपने परम भक्त सुप्रिय की रक्षा करने के लिए प्रकट हुए…

शिवभक्ति,आत्मशुद्धि,अनुशासन और आस्था का प्रतीक बाबा वैद्यनाथ का श्रावणी मेला – कुमार कृष्णन

vivratidarpan.com – भगवान शिव, कैलाशवासी, ध्यानस्थ योगी है और वे प्रकृति के सर्वोच्च संरक्षक भी हैं। शिवजी की जटाओं से ही मां गंगा प्रकट होती हैं, उनके कंठ में विष…