काश ! –  मणि अग्रवाल

काश ! ये न  होता काश ! ऐसा  हो जाता काश !  काश ! काश ! मुझे नहीं लगता कि कोई ऐसा इंसान भी होगा जिसकी  जिंदगी इस काश के…

सुबह – विनीति शर्मा

सुबह के इंतजार में सिमटी सी कली थी मैं… रजनी का दुशाला लिए सूरज से मिलने चली थी मैं … थी आभा मुख पर, अधरों पर थी कोमलता … मन…

प्रेम की शक्ति जानें – सुनील गुप्ता

( 1 ) चलें प्रेम की शक्ति जानें, और प्रेम-प्यार सभी में बाँटते चलें !!   ( 2 ) मिलें प्रेम से यहाँ पर सभी से, और चलें प्रेम आनंदधन…

अधूरी ख्वाहिशे जिंदगी की – नीलांजना गुप्ता

अधूरी ख्वाहिशें जिन्दगी की लुभाती हैं। मृगतृष्णा के रेगिस्तान में दौड़ाती हैं ।।   अपनी परछाई यहाँ कौन पकड़ पाया है। हैं दिवास्वप्न ये इंसान को घुमाती हैं।।   सबने…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

प्यार के फूल दिन रात खिलते रहे। दूर रहकर हमे हाय छलते रहे।   दूर था यार हमसे भले आज भी यार से हाय ऩज़रे मिलाते रहे।   चाँदनी चुनरी…

रंगीला भंवरा – राजलक्ष्मी श्रीवास्तव

रंगीला भंवरा पंख पसारे, फूलों संग मुस्काता है, रंग-बिरंगी दुनिया में वह, मधुर राग सुनाता है। कभी गुलाब की गोद में झूले, कभी कमल से बतियाए, मधु की मीठी बूंदों…

मेरे प्रिय – सविता सिंह

नीरव मन में उद्वेलित कुछ वह लम्हें, खुलने को आतुर अधखुली सी गिरहें, कुसुमित स्मित मृदु प्रणय के वह सारे पल दृग पुलिनों में तैरती वो सुहानी सुबहे।   सिमटी…

साइकिल – डॉ. प्रियंका सौरभ

नन्हा बच्चा साइकिल चलाए, धीरे-धीरे आगे जाए। पीले-पीले फूल खिले, देख उन्हें वो खुश हो मिले। छोटी-छोटी आँखें हँसती, मस्ती में हर बात है बसती। हवा संग वो गुनगुनाए, खुशियों…

समझौता – रश्मि मृदुलिका

बेमन से या मन से हामी भरना है, मुठ्ठियों में जलती आग रखना है, कटु रहस्य इस दुनिया का है, सबसे बड़ी सच्चाई समझौता है, समझौता कभी अनचाहे रिश्तों से,…

स्वागतम अप्रैल – सुनील गुप्ता

( 1 ) सुस्वागतम नव वित्तीय साल.., हो खुशहाल !! ( 2 ) रिज़र्व बैंक का स्थापना दिवस.., बानवे साल !! ( 3 ) चैत्र-वैशाख माह ऊर्जा से भरा.., हो…