नंद घर आनंद भयो, बजी बधाई द्वार। कारागार में जन्म लियो, कंस का करने संहार। यशोदा की गोद में सोये, नटखट नंदकिशोर। माखन मिश्री चुराए, मुख पर माखन का भोर।…
ओदे आवत हे कन्हैया, बजावत बंसी। झूम-झूम के नाचत हें, जम्मों यदुवंशी।। पहिरे हे मोर मुकुट अउ बैजयंती माला। संग म हवंय सुबल, बलराम, मधु ग्वाला।। गोकुल के बन म,…
भाई बहनों का प्यारा, रक्षाबंधन दुलारा, प्रेम के धागों में बसा, आपस का प्यार है। रोचना लगाए भाल, भाई भी होता निहाल, प्रीति की अनोखी भाषा, मानता संसार है। रक्षा…