भजन – नीलांजना गुप्ता

रे मनुआ साँसे छलती जाये, कालगति समझ न तुझको आये।   लगा रहे नित जगत कर्म में, करे न प्रभु की फेरी। बीती जाये उमरिया यूँ ही, करते तेरी मेरी।…

श्री कृष्ण सरकार – श्याम कुमार भारती

गोकुल में जगत के तारणहार आये है। श्री विष्णु के अवतार श्री कृष्ण सरकार आये है गोकुल में जगत के ………। तीनो लोक के स्वामी कृष्ण अंतर्यामी है । लक्ष्मी…

योगेश्वर कृष्ण (गीता से जीवन प्रबंधन) – सुनील गुप्ता

( 1 ) चले गीता बदलते जीवन का प्रबंधन.., आओ समझें गीता ज्ञान दर्शन !! ( 2 ) मिलें ज्ञानसूत्र इससे बदलते चले चिंतन.., आओ तोड़ें मोह आसक्ति बंधन !!…

जन्माष्टमी – डॉ अनमोल कुमार

नंद घर आनंद भयो, बजी बधाई द्वार। कारागार में जन्म लियो, कंस का करने संहार। यशोदा की गोद में सोये, नटखट नंदकिशोर। माखन मिश्री चुराए, मुख पर माखन का भोर।…

चाय का जाति प्रमाणपत्र (व्यंग्य) – सुधाकर आशावादी

vivratidarpan.com – चाय मेरी सबसे बड़ी कमजोरी रही है। चाहे मुझे कितनी भी देर हो रही हों किसी ने कह दिया, कि भाई साहब चाय पीकर जाना फिर समझिए वहां…

विश्वगुरु भगवान श्रीकृष्ण – अशोक यादव

ओदे आवत हे कन्हैया, बजावत बंसी। झूम-झूम के नाचत हें, जम्मों यदुवंशी।। पहिरे हे मोर मुकुट अउ बैजयंती माला। संग म हवंय सुबल, बलराम, मधु ग्वाला।। गोकुल के बन म,…

लहरें – सविता सिंह

शांत चित्त, सौम्य मुख, आँखों की भाषा, और दिल की गहराई मापना कठिनतम है! फिर भी, चुपके से जब देखता है उसे वो चाँद, मन हो उठता अधीर, जैसे बरसों…

मेरी कलम से – डाo किरण मिश्रा

पहन कर रँग मौसम के गुलाबों सी महकती हूँ। झटकती जुल्फ से बादल मैं सावन सी बरसती हूँ, खिली ज्यों धूप बासन्ती पिया पहलू में आ तेरे, लगा कर प्रीति…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

गीत भी गाना है अश्क भी छुपाना है। पास तेरे अब आकर,राज़ सब बताना है।   दर्द हाय बढ़ता है,अब सहा नही जाता, चैन भी नही मिलता, दर्द सब सुनाना…

“रक्षा बंधन” – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

भाई बहनों का प्यारा, रक्षाबंधन दुलारा, प्रेम के धागों में बसा, आपस का प्यार है। रोचना लगाए भाल, भाई भी होता निहाल, प्रीति की अनोखी भाषा, मानता संसार है। रक्षा…