अंजनी के पुत्र आप, दूर करें कष्ट ताप. बल बुद्धि है असीम बड़े गुणवान हैं। सर्वश्रेष्ठ राम भक्त, व्यर्थ नहीं करें वक्त, रघुवर के कार्य को करते प्रयाण हैं।…
मनुष्य हूँ मैं… मुस्कान ओढ़े फिरता हूँ, भीतर कितने तूफ़ान हैं, ये किससे कहता हूँ? भीड़ में रहकर भी अक्सर खुद को तन्हा पाता हूँ, हँसी के पीछे छुपे दर्द…
vivratidarpan.com जबलपुर – सशक्त हस्ताक्षर की 47 वीं काव्य गोष्ठी नूतन मराठी स्कूल गोल बाजार में सानंद सम्पन्न हुई ၊ सर्वप्रथम संस्थापक गणेश श्रीवास्तव प्यासा ने अपने शब्द सुमनों से…