बूढ़ा न नादान अभी तो मैं जवान हूं। दूध घी बादाम अभी तो मैं जवान हूं। उम्र ढले या न ढले दिल रहे कायम । मन से रहता बच्चों…
vivratidarpan.com – एकल संग्रहों की श्रृंखला में एक और संग्रह का प्रवेश हुआ है, और यह है होनहार युवा कवयित्री अनुराधा प्रियदर्शिनी के ‘सारंग राग’ का।जो संवेदनाओं की स्वर लहरी…