नन्हा मुस्कान – डॉ. सत्यवान सौरभ

नन्हा मुस्कान खिलता रहे, खुशियों की बारात चले। हर दिल में हो प्यार बसाए, हर पल हँसी गाए। चंदा मामा देखे नीचे, सितारे चमकें झिलमिलाए। पंछी गाएं गीत प्यारे, धरती…

महिला समूह आपरेटेड परेड ग्राउंड ओटोमेटेड पार्किंग, जनमानस को जल्द होगी समर्पित

देहरादून 06 अगस्त 2025, जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह की उपस्थिति में ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में सड़क सुरक्षा समिति एवं शहर की पार्किंग व्यवस्था…

गीत (सावन आया) – जसवीर सिंह हलधर

  आया झूम झूम के सावन । धरती करती है अभिवादन ।।   वायुयान की भांति सिंधु से , मेघा जल भर-भर के लाए । पुरवाई के साथ उड़े हैं…

गीतिका – मधु शुक्ला

  रिवाजों से शिकायत का चलन जग में पुराना है, बुजुर्गों की इसी तकनीक से मौसम सुहाना है।   सुखी परिवार का आधार ममता,एकता होती, इसी सच के वरण द्वारा…

बेटियाँ क्यों छोड़ रही हैं स्कूल? — प्रियंका सौरभ

  Vivratidarpan.com – बेटियाँ क्यों छोड़ रही हैं स्कूल? सवाल सड़कों, शौचालयों और सोच का है, 39% लड़कियाँ स्कूल से बाहर: किसकी जिम्मेदारी?  ‘बेटी पढ़ाओ’ का सच: किताबों से पहले…

नेता विपक्ष की विश्वसनीयता पर संकट (दृष्टिकोण)- सुधाकर आशावादी

Vivratidarpan.com – समाज में स्वयं को विश्वसनीय सिद्ध करने के लिए निश्चित मूल्यों का निरंतर अनुपालन अपेक्षित होता है, जिसके लिए गंभीरता से ईमानदारी, सदाचरण, सत्य-निष्ठा, सकारात्मक सोच, राष्ट्र के…

उत्तरकाशी धराली आपदा : मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, त्वरित राहत कार्य जारी

उत्तरकाशी जनपद के धराली गांव में सोमवार को बादल फटने से उत्पन्न भीषण आपदा के बाद राज्य सरकार पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी…

साँझ – सविता सिंह

  उम्र की इस साँझ में, जब तुम स्वयं से मिले पूछो मन के मौन से, क्यों इतने भ्रम में ढले? किसे खोजता फिरा मन, किसकी अधूरी प्यास है? मृग…

ग़ज़ल – कशिश होशियारपुरी

  यह  तमन्नाओं का गुलज़ार  बहुत  अच्छा  है, मौसम-ए-हिज्र  तो  इस  बार  बहुत  अच्छा है।   ज़िन्दगी आई थी कुछ ख़्वाब सी शर्तें  ले कर, आप ने  कर  दिया  इनकार…

सिर्फ एक राजनेता नहीं, बल्कि झारखंड के जनांदोलन के प्रतीक थे शिबू सोरेन – सुधीर पाल

vivratidarpan.com –  1855 में जब सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, और फुलो-झानो ने ‘दामिन-ए-कोह’ की धरती पर अंग्रेज़ी राज, महाजनों और जमींदारों के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंका, तो वह सिर्फ हथियारबंद विद्रोह…