रक्षा बंधन – श्याम कुंवर भारती

सदियों से भाई बहन का रिश्ता ईश्वर का उपहार है।

भईया नहीं भूलना यही बहना कि पुकार है।

 

तुम रहना जहाँ भी हरदम मुझको याद करना ।

दुख हो या सुख भइया तुम मेरे साथ में रहना।

दुनिया में सबसे प्यारा मुझको तेरा ही प्यार है।

भईया नहीं भूलना ………..।

 

रक्षा बंधन का ये धागा मजबूत सबसे डोर है भईया।

टूटे ना ये बंधन स्नेह का नहीं कोई ओर छोर है भईया।

तुझको पाकर जाना मैने ये तेरा ही उपकार है।

भईया नहीं भूलना ………।

 

दुनिया में भाई से बढ़कर कोई रिश्ता पवित्र नहीं होता ।

बहना बिना दुलार भाई को जग में सर्वत्र नहीं होता।

आजा आरती उतारु तेरी तू मेरे दिल का हार है।

भईया नहीं भूलना ……..।

 

रुइया पैसा ना चाहूँ पड़े जरूरत तुझको सामने मै पाऊं।

सोना ना चांदी की इक्षा तेरी खुशी की खातिर मै मर जाऊं।

भाई बहन का रिश्ता पुजे कबसे सारा संसार है।

भईया नहीं भूलना यही बहना कि पुकार है।

– श्याम कुंवर भारती , बोकारो, झारखंड  मॉब.9955509286

 

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