द् दून वैली पब्लिक स्कूल में “टुगेदर वी राइज़: टीम, टैलेंट एंड ट्रेज़र” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

vivratidarpan.com देवबंद – द् दून वैली पब्लिक स्कूल में सभी स्टाफ मेम्बेर्स के लिए “टुगेदर वी राइज़: टीम, टैलेंट एंड ट्रेज़र” विषय पर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों में टीम भावना को सुदृढ़ करना, व्यक्तिगत एवं सामूहिक प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें विकसित करना तथा विद्यालय में उपलब्ध मानवीय एवं अन्य संसाधनों के प्रभावी उपयोग के महत्व को समझाना रहा।
कार्यशाला का शुभारंभ विद्यालय की मैनेजर श्रीमती सुमन सिंघल , डायरेक्टर एवं आई.के.एस. , स्पीकर अनुराग सिंघल , प्रधानाचार्या श्रीमती सीमा शर्मा , क्वालिटी डायरेक्टर श्रीमती अर्चना शर्मा , उप-प्रधानाचार्या श्रीमती तनुज कपिल एवं उप-प्रधानाचार्य हरदीप सिंह द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया ।
कार्यशाला के दौरान शिक्षकों को टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता, प्रतिभा की पहचान, सहयोग की भावना तथा उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग करने के लिये प्रेरित किया गया । शिक्षकों को यह समझाया गया कि सकारात्मक विचारों के माध्यम से विधार्थियों में सही हैबिट्स का निर्माण किया जा सकता है जो उनके व्यक्तिव निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यशाला के दौरान ही “विज़न, मैनिफेस्टेशन, हैबिट्स और सरेंडर” तथा “ग्रैटिट्यूड, माइंडफुलनेस एवं उससे आगे” जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों का उद्देश्य शिक्षकों को अपने व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक विज़न को स्पष्ट करने, सकारात्मक सोच विकसित करने तथा अपने लक्ष्यों की दिशा में निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित करना रहा।
इस संवादात्मक सत्र के माध्यम से शिक्षकों को यह समझने का अवसर मिला कि एक मजबूत और सकारात्मक टीम किस प्रकार विद्यालय के शैक्षिक एवं प्रशासनिक लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है । इस कार्यशाला ने शिक्षकों को अपनी क्षमताओं को पहचानने, सहकर्मियों की प्रतिभाओं का सम्मान करने तथा सामूहिक प्रयासों के माध्यम से बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया ।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती सीमा शर्मा ने कहा कि विद्यालय की प्रगति केवल व्यक्तिगत प्रयासों से नहीं, बल्कि एकजुट टीम भावना, सहयोग एवं सकारात्मक कार्यसंस्कृति से संभव होती है। डायरेक्टर अनुराग सिंघल का धन्यवाद करते हुए उन्होंने सभी शिक्षकों को कार्यशाला से प्राप्त सीख को अपने दैनिक कार्यों में अपनाने के लिए प्रेरित किया ।
रिपोर्टर — महताब आज़ाद

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