vivratidarpan.com मुजफ्फरपुर। माड़ीपुर स्थित उर्मिला होटल का सभाकक्ष 7 अक्टूबर 2026 को एक पवित्र धाम सा प्रतीत हो रहा था, जहाँ निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा में लीन विभूतियों का महासंगम हुआ। अपनी कर्म-साधना से समाज को नई दिशा देने वाली 186 प्रतिभाओं को इस वर्ष के ‘मुजफ्फरपुर शिखर सम्मान’ से विभूषित किया गया। ईश्वर रूपी इन सात्विक कर्मयोगियों को आदरपूर्वक शॉल, फ्रेमिंग प्रशस्ति पत्र और पुष्प हार अर्पित कर उनकी साधना को नमन किया गया। इस आध्यात्मिक और वैचारिक महोत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि, प्रसिद्ध चिकित्सक एवं परमार्थी डॉ. गौरव वर्मा (निदेशक, गौरव वर्मा फैंस क्लब) द्वारा ज्ञान और चेतना के प्रतीक दीप को प्रज्वलित कर किया गया। इस पावन अवसर पर 16 वरिष्ठ साधकों और 170 नवोदित (युवा) चेतनाओं का अभिनंदन किया गया। ये वे लोग हैं जो बिना किसी सांसारिक यश या मंच की लालसा के, केवल अपने निःस्वार्थ कर्म में विश्वास रखते हैं और मुजफ्फरपुर के नवनिर्माण में मूक सेवक बनकर अपना अमूल्य योगदान दे रहे हैं। सभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. गौरव वर्मा ने कहा, “हमारा यह प्रयास समाज में छिपी उन अंतरात्माओं को खोजना और सम्मानित करना है, जो प्रचार-प्रसार से दूर रहकर केवल लोक-कल्याण के मार्ग पर चल रही हैं। ऐसी पवित्र आत्माओं की ऊर्जा ही समाज का वास्तविक आधार है।” कार्यक्रम के आरंभ में पंकज कर्ण जी ने डॉ. गौरव वर्मा के इन परोपकारी और सेवाभावी कार्यों की हृदय से सराहना की। इस दैवीय सम्मान समारोह में समाज को शिक्षित करने वाले गुरु (शिक्षक), शब्दों से चेतना जगाने वाले साहित्यकार, मानवता के सेवक (समाजसेवी), न्याय के रक्षक (अधिवक्ता), जीवनदान देने वाले चिकित्सक और राष्ट्र निर्माण में जुटे युवा उद्यमी शामिल थे।
इस पूरे मांगलिक कार्यक्रम का कुशल संचालन और सूत्रधार डॉ. सतीश कुमार साथी रहे, जिन्होंने अपनी वाणी से सभा में वैचारिक ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम के अंत में पवन कुमार ने सभी आगंतुकों और कर्मयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।
रिपोर्ट -कुमार संदीप (मुजफ्फरपुर -बिहार)
