vivratidarpan.com दिल्ली (कुमार संदीप) – दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू कॉलेज की राजभाषा कार्यान्वयन समिति के तत्वावधान में कॉलेज परिसर में ‘प्रवासी साहित्य में भारतीय मूल्यबोध’ विषय पर विशेष एकल व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज के प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता दुबई से पधारीं प्रख्यात साहित्यकार नेहा शर्मा रहीं। उन्होंने प्रवासी साहित्य की विविधता, संवेदना और भारतीय सांस्कृतिक चेतना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि विदेशों में रहने के बावजूद भारतीय साहित्यकार अपनी जड़ों, संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों को अपने लेखन के माध्यम से जीवंत बनाए हुए हैं। उन्होंने प्रवासी साहित्य को भारतीय अस्मिता और वैश्विक अनुभवों के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु बताया। इस अवसर पर कॉलेज के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. धनंजय दुबे, प्रो. अनिल कुमार एवं प्रो. संदीप ने भी विषय के विभिन्न आयामों पर अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने प्रवासी साहित्य में भारतीय मूल्यबोध की भूमिका तथा बदलते वैश्विक परिवेश में इसकी प्रासंगिकता पर चर्चा की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में कॉलेज के प्राचार्य प्रो. योगेश्वर शर्मा सहित उपस्थित प्राध्यापकों का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा। प्राचार्य ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक एवं साहित्यिक आयोजन विद्यार्थियों को वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारतीय संस्कृति, साहित्य और जीवन-मूल्यों को समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। कार्यक्रम के समापन सत्र में हेमन्त कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने मुख्य वक्ता नेहा शर्मा, प्राचार्य प्रो. योगेश्वर शर्मा, सभी प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम ने प्रवासी साहित्य के माध्यम से भारतीय संस्कृति और मूल्यबोध की वैश्विक उपस्थिति को समझने का सार्थक अवसर प्रदान किया।
