vivratidarpan.com – माता-पिता/ सास-ससुर की स्मृतियों को जीवंत रखने के उद्देश्य से अंजू श्रीवास्तव/ सुधीर श्रीवास्तव द्वारा स्थापित ‘विमला ज्ञान साहित्य मंच पर नवरात्रि विशेष आभासी काव्य गोष्ठी का आयोजन 16 अक्टूबर ‘2026 को किया गया। गोष्ठी शाम 06.00 बजे से रात्रि लगभग 09.15 बजे तक निरंतर गतिमान रहकर भव्यता के साथ संपन्न हुई।
काव्यगोष्ठी का शुभारंभ युवा कवयित्री नील चित्रा व्यास की वाणी वंदना से हुआ। तत्पश्चात मंच संरक्षक डा. सुधीर श्रीवास्तव ने मंच के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विमला ज्ञान साहित्य मंच संस्थापिका अंजू श्रीवास्तव ने अपने माता-पिता और सास ससुर की स्मृतियों को सहेजने और नवोदित रचनाकारों को प्रेरित करने के उद्देश्य से किया गया है। संयोजक डा. शिवनाथ सिंह ‘शिव’ ने आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि मंच अपने उद्देश्यों की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है और आगे भी करता रहेगा।
मंच मार्गदर्शक आर. एम. लाल ने अपने विचार व्यक्त करने के साथ ही गोष्ठी के आयोजन के महत्व को रेखांकित किया।
मंच संस्थापिका अंजू श्रीवास्तव एवं अध्यक्ष अभय ‘ज्योति जिज्ञासु’ ने अपना संदेश भेजकर नवरात्रि पर्व की बधाइयां शुभकामनाएं दी।
तत्पश्चात् काव्य पाठ का सिलसिला शुरू हुआ। लगभग 30 कवियों /कवयित्रियों नै मनमोहक, उल्लासपूर्ण प्रस्तुतियों से काव्य गोष्ठी को ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
गोष्ठी की संयोजिका वरिष्ठ कवयित्री दीपा शर्मा ‘उजाला’ और वरिष्ठ कवि डा. शिवनाथ सिंह ‘शिव’ ने विशिष्ट अंदाज में कुशल मंच संचालन के द्वारा काव्यगोष्ठी को सफल बनाने में योगदान दिया।
अंत में वरिष्ठ कवि नंद किशोर बहुखंडी ने अपने विचार रखते हुए अनुशासन पर जोर देने के साथ आयोजन के प्रति प्रसन्नता व्यक्त किया ।मंच मार्गदर्शक आर. एम. लाल ने मंच परिवार और उपस्थिति कवियों/ कवयित्रियों का आभार धन्यवाद किया, जबकि वरिष्ठ कवि कैप्टन सरोज सिंह ‘सैनिक’ अपने विचार व्यक्त करने के साथ ही गोष्ठी के विराम की घोषणा की।
आयोजन को सफल बनाने में विभिन्न मंचों के पदाधिकारियों, वरिष्ठ कवियों/ कवयित्रियों का सराहनीय योगदान रहा। सभी पदाधिकारियों और शुभचिंतकों की सक्रिय गरिमामय उपस्थिति से आयोजन को सफल बनाने में सफलता प्राप्त हुई।
