हनुमान ध्यान – नित्यानंद वाजपेई

जय जय जय हनुमत कपिराई।

निज जन के सर्वदा सहाई।।

तुम बल बुद्धि सिंधु रण बंका।

दुर्गुण की उजाड़ते लंका।।

 

सियाराम के परम पियारे।

पवन तनय केशरी दुलारे।।

शिव शंकर के अंश-अवतारी।

विपुल तेज बल के अधिकारी।।

 

तुम अंजनी पुत्र कपि नायक।

राम भक्त तुम ही सब लायक।।

अजर अमर गुण निधि भव मोचक।

रघुवर चरण कंज  हित रोचक।।

 

परम उदार पूज्य अविकारी।

राघवेंद्र के  महा – पुजारी।।

तुम सा   कौन  महा उपकारी।

अजर-अमर गुणनिधि गुणकारी।।

– नित्यानंद वाजपेयी “उपमन्यु”
गीता विहार कॉलोनी, पांचाल घाट, गंगाधाम
फतेहगढ़ फर्रूखाबाद (उत्तर प्रदेश)- 209601

 

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