नाम जपें हनुमान सभी जन जीवन जो करता सुखकारी।
ध्यान धरें नित पाठ करें दिल में रख के बस भक्ति तुम्हारी।
अष्टक, बाण, चलीस पढ़ें पढ़ना जिनका अति है गुणकारी।
मंगल को उपवास रखें दिन है सबके प्रति मंगलकारी।7
राम भजे हनुमान तभी वह भक्त शिरोमणि हैं कहलाते।
अंजनि पुत्र बड़े बलवान विपत्ति सभी प्रभु दूर भगाते।
जीवन नाव फँसे मझधार महाबल आकर पार लगाते।
शीश नवा नित ध्यान धरें बजरंग बली मन से गुण गाते।8
-कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश
