वृहत सहस्त्रालिंग उकेरे, अनुपम शिव का धाम है।
ॐ रूप में शिवलिंगों की, झाँकी नयनभिराम है।
यहाँ विराजे भैरव जी भी, संग वृक्ष रुद्राक्ष का,
अगर यहाँ अभिषेक करें तो, बन जाता हर काम है।
(श्री गरडिया महादेव, कोटा) –
चंबल तट की चट्टानों में, गुफा बीच शिवलिंग यहाँ।
अर्धचंद्र सम चंबल दिखती, दृश्य मनोरम और कहाँ।
आदि गरडिया महादेव हैं, बड़े अनोखे सुखदाता,
प्रकृति बीच यह शिव का मंदिर, भक्त पहुँचते रोज वहाँ।
– कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश
