छंद – जसवीर सिंह हलधर

  ज्ञानवान धैर्यवान, राजनीति में सुजान , सभी देश वासियों के प्यारे थे चरण सिंह ।   गांव का विकास किये, नए प्रयास किये , गरीबी से गांव को उभारे…

गजल – मधु शुक्ला

  ऋण हमें अरि के चुकाने हैं बहुत, ख्वाब अपनों के‌ सजाने हैं बहुत।   माँग सूनी माँ बहन की कह रही , खार अरि उर में चुभाने हैं बहुत।…

फिर वो ही – सविता सिंह 

  वर्षों बाद वही आवाज उसी नाम से पुकारा किसी ने। भीड़ को चीरती  हुई कानों से दिल तक रुक गए  कदम धड़क उठा मन। पलट के देखा हाँ थे…

जो तुम हो – रश्मि मृदुलिका

  नयन तेरे दिनकर किरण बनकर, बिखर गए कुम्लाहे मुख पर मेरे, किसलय सी गात खिल उठी, चहक उठे स्वास रंध्र बांसुरी बने, मृत्यु झील से खींच लाये, शब्द तेरे…

खोटी चवन्नी (बाल कहानी) – सुधाकर आशावादी

Vivratidarpan.com – बात उन दिनों की है जब बाज़ार में एक पैसा, दो पैसे, तीन पैसे, पाँच पैसे, दस पैसे , बीस पैसे, पच्चीस पैसे और पचास पैसे के सिक्के…

फोन के चार्जर में फंसी साहित्य की गरिमा (व्यंग्य) – विवेक रंजन श्रीवास्तव

vivratidarpan.com – एक ज़माना था जब साहित्य लिखा भी जाता था और पढ़ा भी। पाठकों को नई रचनाओं की प्रतीक्षा रहती थी, लेखक लेखन के प्रति गंभीर रहते थे, और आलोचना…

*स्वतंत्रता,शौर्य, स्वाभिमान और पराक्रम के प्रतीक : महाराणा प्रताप* – संदीप सृजन

vivratidarpan.com – महाराणा प्रताप का जीवन एक ऐसी प्रेरक गाथा है जो हर भारतीय को गर्व से भर देती है। उन्होंने अपने जीवन में कभी हार नहीं मानी और स्वतंत्रता…

कैसे कह दें बस तेरे हम – सविता सिंह

  सौ प्रतिशत मैं हूँ तुम्हारी कोई और बसे इस मन में जिसने दी यह सांसे मुझको वह भी शामिल इस धड़कन में| बेशक हमारे प्यार हो तुम छवि उनकी…

गद्दारी का साया – प्रियंका सौरभ

मुठ्ठी भर थे वो, फिर भी सदियों राज किया, अपनों की कमज़ोरी से, उन्होंने ये खेल रचा।   स्वर्ण भूमि पर, स्वार्थ का जाल बिछाया, लालच की जंजीरों से, हमको…

जय हिंद – सुनील गुप्ता

जय हिंद, जय-जय हिंद जय-जय, वीर सेना भारती वंदे मातरम, माँ दुर्गा भगवती  !!1!!   जय हिंद, जय-जय हिंद हिंद सेना, घुसकर मारती वंदे मातरम, चले ये सिंह पे हर्षाती…