पति को समर्पित मैथिली रचना – प्रकाश राय

  हम्मर पिया गेल परदेस में, हमरा लेल दाल-रोटी कमाए। जखन उ परदेस से लौट के एथिन, चुपचाप हमरा दिल में समाय।   थक-हार के अहाँ आइब गेलौं, एक लोटा…

एक डिजिटल दौर की त्रासदी – डॉ सत्यवान सौरभ

  घर की बात थी, घर में रहती, अब कैमरे के आगे बहती। झगड़े भी अब स्क्रिप्ट हुए हैं, रिश्ते जैसे क्लिप्ट हुए हैं।   लाइव हुआ तो दर्द बढ़ा,…

हो गई अनबन – सुनील गुप्ता

  हो गई अनबन ख़ुद-ब-ख़ुद से, मन को समझाते…, मनाते, मन ही मन  !!1!!   हो गई तकरार तर्क-वितर्क करते, स्वयं से लड़ते…, भिड़ते करते बातें बेकार !!2!!   हो…

गहरी दोस्ती – जया भराड़े बड़ोदकर

  Vivratidarpan.com- साक्षी ने छुट्टियों में बहुत क्लासेज शुरू कर दी थी। उसे अपनी सारी फ्रेंड्स के साथ मिलकर डांस गाना सीखना था। सुबह वो जिम्नास्टिक में जाने लगी दोपहर…

पर्यावरण विषयक काव्य गोष्ठी संपन्न

vivratidarpan.com – आराधिका साहित्यिक मंच (पंजी.) के तत्वावधान में ’31मई’ 2025 को पर्यावरण दिवस विषयक भव्य काव्य गोष्ठी का आनलाइन आयोजन किया गया। जो 4:00 बजे से रात्रि लगभग 7: 30…

कांपते बदन और मिमियाती आवाज से ग्रेट शो मेन तक का सफर – अंजनी वर्मा

vivratidarpan.com –  भारत में आरंभिक दौर की फिल्मों में तीन नायकों का बहुत महत्वपूर्ण स्थान था। यह थे ग्रेट शो मेन के नाम से मशहूर राजकपूर, अभिजात्य तथा रूमानी शख्सियत…

गीत – श्याम कुंवर भारती

  जिंदगी नहीं है खेल जरा सोच समझ के खेल। सोचो ना जिंदगी है जेल जरा सोच समझ के खेल।   करोगे गर कोई चूक लग जाएगी हुक। सावधानी हटी…

जय बजरंग बली – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

  बजरंग का बाण है, हरता सब त्राण है, पाने को उनकी कृपा, चालीसा जपा करें।   सब संकट टारते, असुरों को संहारते, जब भी पुकारे भक्त, उन पे दया…

अपेक्षा क्यों – श्याम सुंदर

  चाह जब जुड़ जाएं परिणाम से अपेक्षा का… होता है आगमन मन की शांति का फिर होता है गमन   दूसरे भी हमें वही सम्मान दें जो हम… उन्हें…

लगता हितकारी – अनिरुद्ध कुमार

  मुक्त हो गये बंधन सारे, बैठे हर-पल गिनते तारें। बेगानों की है ये दुनिया, जीवन से लागें अब हारें।।   आज़ाद उड़ें इच्छा जागें, पिंजड़ा तोड़ें बाहर भागें। व्याकुलता…