गीतिका – मधु शुक्ला

  जब – जब सूर्य ताप ,बरसाता, मनुज अपार कष्ट, दुख पाता।   सतत प्रचंड ताप , दुख बाँटे , बचत उपाय ज्ञान, न सुझाता।   यदि हम सृष्टि नीति,…

गीत – जसवीर सिंह हलधर

  आत्म रक्षण के लिए अब, मत किसी से याचना कर । हार का भय त्याग दे यह , आत्मजय की कामना कर ।।   भीड़ है कुछ सिर फिरों…

My train trip – Prakash Roy

  vivratidarpan.com – When I was coming back from Khagaria district, Bihar some days ago where held a grand weding anniversary event. My trip was in the train and I…

गंगा नदी – सविता सिंह

  हे! नदी गंगा नदी तुझको नमन तेरे चरणों में करें अर्पित सुमन।   छोड़ शिव को तू धरा पर आ रही तू मचलती तू उछलती जा रही। चोट इतना…

चौपाल की नई सुबह – प्रियंका सौरभ

  चौपालों की धूल भरी सांझ में, उठी एक आवाज़ — भीगी, मगर तेज़। “ना अब घूंघट की जंजीरें, ना सपनों पर कोई संदेश।”   धर्मपाल के होंठों से फूटा…

एहसास – ज्योति श्रीवास्तव

  रिवाजों का कैसी  रस्म  है बनाई, सही माँ ने बेटी की हरदम जुदाई।   जो आंगन में खेली चहकती हुई सी, कभी मुस्कुराती कभी खिलखिलाती।   पहन पैजनिया जो…

पलायन क्यों? – डॉ क्षमा कौशिक

आज चर्चा हो रही है, हर गली हर गाँव में। क्यों पलायन हो रहा है, आज अपने ठाँव में।। क्या महज धन की ललक में, छोड़ दी अपनी धरा। या…

भारत-नेपाल रूबरू साहित्य उत्सव की शानदार पहल- इरशाद राही

vivratidarpan.com – प्रिय साहित्य प्रेमियों, कवियों और लेखकों,हमें अत्यंत हर्ष और गर्व के साथ सूचित करना है कि आगामी भारत-नेपाल रूबरू साहित्य उत्सव में विशेष अतिथि के रूप में माननीय…

ऑपरेशन सिंदूर सेना के पराक्रम पर आभाषी कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन

vivratidarpan.com – कहानिकां हिन्दी पत्रिका के उत्तराखंड अध्याय द्वारा गूगल मिट पर ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और भारतीय सेना के पराक्रम पर सेना को बधाई देने के उद्देश्य से एक…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

  झुक न पाये मौत को स्वीकार की। वो डरे ना आँख से खूँख्वार की।   जुल्म ढाते है जो अब बिन बात के, क्या जरूरत देश को मक्कार की।…