किरदार – राजेश कुमार झा

  शीशे की तरह साफ। किरदार है हमारा।। तुम फिर भी ना समझ पाए। तो क्या दोष है तुम्हारा।। हम तो बस साफ-साफ बोलते हैं। ना किसी के मन और…

यति मातु वैष्णवी – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

  वैष्णवी दुःख तारिणी सर्व कष्ट निवारिणी, जग के संकट माते आप दूर करें अभी।   याचक से द्वार तेरे विपदा अनेक घेरे, मात हम भक्तों पर दृष्टि डालिये कभी।…

मेरी तरहा क्या तुम्हें भी – गुरुदीन वर्मा

  मेरी तरहांक्या तुम्हें भी, कोई गम तो नहीं है। मेरी तरहा तुम पर भी, कोई सितम तो नहीं है।। मेरी तरहांक्या तुम्हें भी————————।।   ऐसी किस्मत तो हमको यार,…

“जब व्यवस्था प्रेम को निगल गई: मंजू वर्मा की आत्मकथा पर एक दृष्टि” – प्रियंका सौरभ

  vivratidarpan.com – प्रेम की सबसे सच्ची परीक्षा तब होती है जब वह समय, समाज और सत्ता की सख्त दीवारों से टकराता है। ‘राज सर आईपीएस’ केवल एक प्रेम कथा…

संकेत साहित्य समिति की काव्य फुहार व सम्मान समारोह संपन्न

vivratidarpan.com बिलासपुर – संकेत साहित्य समिति बिलासपुर छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में दिनांक 24.06.2025 को राजकिशोर नगर में काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। काव्य गोष्ठी में मुख्य अतिथि कवि संगम त्रिपाठी,…

मन की बातें – सविता सिंह

  करती हूँ जिससे मैं अपने मन की बातें, वो एक रफ कॉपी अरु ढेर सारी किताबें। उस रफ कॉपी के पन्नों पर दिखता अतीत जीते उन क्षणों को समय…

साहित्यकार विष्णु प्रभाकर की 113 वी जयंती के उपलक्ष्य में एक भव्य सम्मान समारोह हुआ आयोजित

कर्नल प्रवीण शंकर – हिन्दी के मूर्धन्य साहित्यकार आदरणीय विष्णु प्रभाकर की 113 वी जयंती के उपलक्ष्य में गाँधी हिंदुस्तानी साहित्य सभा “सन्निधि संगोष्ठी” के पावन सभागार में एक भव्य…

यह धरती हमारी है माता – गुरुदीन वर्मा

  यह धरती हमारी है माता। यह देश हमारा है पिता।। जिसने जन्म दिया है हम सबको। ओरे लोगों, नहीं तुम भुलावो उसको।। यह धरती हमारी———————–।।   लेकर दुःख बदले…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

  लगा ली दर पे ये अर्जियाँ हैं, बता दो मेरी क्या गलतियाँ हैं।   जमाने को दिखती खामियाँ हैं, कि रौनकें होती बेटियाँ हैं।   महक उठी बेटियों से…

गीत – जसवीर सिंह हलधर

तुम चाहे मानो मत मानो , पर मेरा विश्वास अटल है । मज़हब अगर नहीं होते तो ,रूप जगत का न्यारा होता ।। जाति धर्म के बंध न होते ,…