पर्यावरण विषयक काव्य गोष्ठी संपन्न

vivratidarpan.com – आराधिका साहित्यिक मंच (पंजी.) के तत्वावधान में ’31मई’ 2025 को पर्यावरण दिवस विषयक भव्य काव्य गोष्ठी का आनलाइन आयोजन किया गया। जो 4:00 बजे से रात्रि लगभग 7: 30…

कांपते बदन और मिमियाती आवाज से ग्रेट शो मेन तक का सफर – अंजनी वर्मा

vivratidarpan.com –  भारत में आरंभिक दौर की फिल्मों में तीन नायकों का बहुत महत्वपूर्ण स्थान था। यह थे ग्रेट शो मेन के नाम से मशहूर राजकपूर, अभिजात्य तथा रूमानी शख्सियत…

गीत – श्याम कुंवर भारती

  जिंदगी नहीं है खेल जरा सोच समझ के खेल। सोचो ना जिंदगी है जेल जरा सोच समझ के खेल।   करोगे गर कोई चूक लग जाएगी हुक। सावधानी हटी…

जय बजरंग बली – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

  बजरंग का बाण है, हरता सब त्राण है, पाने को उनकी कृपा, चालीसा जपा करें।   सब संकट टारते, असुरों को संहारते, जब भी पुकारे भक्त, उन पे दया…

अपेक्षा क्यों – श्याम सुंदर

  चाह जब जुड़ जाएं परिणाम से अपेक्षा का… होता है आगमन मन की शांति का फिर होता है गमन   दूसरे भी हमें वही सम्मान दें जो हम… उन्हें…

लगता हितकारी – अनिरुद्ध कुमार

  मुक्त हो गये बंधन सारे, बैठे हर-पल गिनते तारें। बेगानों की है ये दुनिया, जीवन से लागें अब हारें।।   आज़ाद उड़ें इच्छा जागें, पिंजड़ा तोड़ें बाहर भागें। व्याकुलता…

छंद – जसवीर सिंह हलधर

  ज्ञानवान धैर्यवान, राजनीति में सुजान , सभी देश वासियों के प्यारे थे चरण सिंह ।   गांव का विकास किये, नए प्रयास किये , गरीबी से गांव को उभारे…

गजल – मधु शुक्ला

  ऋण हमें अरि के चुकाने हैं बहुत, ख्वाब अपनों के‌ सजाने हैं बहुत।   माँग सूनी माँ बहन की कह रही , खार अरि उर में चुभाने हैं बहुत।…

फिर वो ही – सविता सिंह 

  वर्षों बाद वही आवाज उसी नाम से पुकारा किसी ने। भीड़ को चीरती  हुई कानों से दिल तक रुक गए  कदम धड़क उठा मन। पलट के देखा हाँ थे…

जो तुम हो – रश्मि मृदुलिका

  नयन तेरे दिनकर किरण बनकर, बिखर गए कुम्लाहे मुख पर मेरे, किसलय सी गात खिल उठी, चहक उठे स्वास रंध्र बांसुरी बने, मृत्यु झील से खींच लाये, शब्द तेरे…