माता-पिता को समर्पित ‘विमला ज्ञान साहित्य मंच’ पर ‘शिव/सावन/रक्षाबंधन’ विषयक काव्य गोष्ठी संपन्न

vivratidarpan.com सुधीर श्रीवास्तव- माता-पिता/ सास-ससुर की स्मृतियों को जीवंत रखने के उद्देश्य से अंजू श्रीवास्तव/ सुधीर श्रीवास्तव द्वारा स्थापित ‘विमला ज्ञान साहित्य मंच’ की प्रथम आभासी काव्य गोष्ठी का ‘शिव/सावन/रक्षाबंधन’ विषयक…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

  जिंदगी मे यार कब रहबर मिले, प्यार के प्यासे सभी दिलबर मिले।   लौटना था आपका साहिल से बस, मैने कब सोचा मुझे ये भँवर मिले।   चाँद ढूँढे…

पूजा जाता है यहाँ वही आदमी – गुरुदीन वर्मा

  (शेर)- गर तुमसे कहे कोई, आवो खो जावो तुम मेरी मस्ती में। क्या रखा है जिंदगी में, करो मौज, चाहे आग लगे बस्ती में।। लेकिन मैं तुमसे ऐसी उम्मीद…

ग़ज़ल (हिंदी) – जसवीर सिंह हलधर

  हड्डियों का जाल है ये कारखाना जिस्म का । चंद सांसों पर टिका है वारदाना जिस्म का ।   जान आदम की बचाने में जुटी चारागरी , मौत को…

सूरज की प्यारी किरण – डॉ. सत्यवान सौरभ

  सुबह की पहली किरण आई, खुशियों की बहार लाई। पंछी बोले, फूल मुस्काए, नन्हे बच्चे खेल में लगाए।   सूरज की गर्माहट में, छुप-छुप कर सब खेले। धूप की…

स्वाद इश्क का – श्याम कुंवर भारती

  चाहत है बड़ी मेरी खुशियां सारी तेरे नाम हो जाए। पता नहीं कब कैसे अब जिंदगी की शाम हो जाए।   हुआ है हादसा बड़ा तुमसे दिल लगाने का…

ग़ज़ल –  रीता गुलाटी

  कभी ढूँढते थे तेरी आशिकी को, तरसते रहे हैं तेरी बंदगी को।   नजर ना लगे अब मेरी जिंदगी को, रहे प्रेम से हम जिये अब खुशी को।  …

लेकिन मिला नहीं ऐसा ? – गुरुदीन वर्मा

  यकीन हम भी करें उस पर, लेकिन मिला नहीं ऐसा। हमसे दगा जो करें नहीं, आया नजर नहीं ऐसा।। यकीन हम भी करें उस पर———————।।   यूँ तो हजारों…

सावन की यादें और अनुभव – सुनील गुप्ता

  ( 1 ) सावन की यादें सावन की बातें, कभी भूले न भुलाई जा ही सकें  ! वो अमवा की डारि पे पड़े झूले.., और मंद फुहारों में झूलना…

सावन में कजरी विषय आधारित गूगल मीट पर ऑनलाइन कवि सम्मेलन

vivratidarpan.com बोकारो (झारखण्ड) शिखा गोस्वामी – कहानिका हिंदी पत्रिका के बिहार अध्याय द्वारा सावन कजरी पर एक ऑनलाइन अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया ।आयोजन गूगल मीट पर किया…