ग़जल (हिंदी) – जसवीर सिंह हलधर

  आ गया वो रूह में मंज़र नहीं देखा गया । पूजते  पत्थर  रहे अंदर नहीं देखा गया ।   आत्म मंथन के सफ़र में देह से ऊपर उठा ,…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

  हँसते हँसते जान देना देखना, इश्क मे सब कुछ लुटाना देखना।   मुस्कुराकर खिलखिलाना देखना, प्रेम बाँटे प्रेम पाना देखना।   जिंदगी मे सब लुटाना देखना, जान देगे, आजमाना…

आराधिका साहित्यिक मंच पर पिता दिवस काव्य गोष्ठी हुई संपन्न

vivratidarpan.com – आराधिका साहित्यिक मंच (पंजी.) पर पिता दिवस /जन्मदिवस (डा. ओम ऋषि भारद्वाज) विषयक 40 वीं भव्य आभासी काव्य गोष्ठी का 10 जून’ 2025 आयोजन किया गया। गोष्ठी सायं 4:00…

अथाई – सुनील गुप्ता

  ( 1 ) चारपाई पे पीपल पेड़ नीचे, गुफ़्तगू करें !!   ( 2 ) है ये चौपाल दुःख-सुख की बात, सुनाएं हाल !!   ( 3 ) गोष्ठी…

प्रिया हो – प्रकाश राय

  पुष्पों से पुष्पित पुष्पा हो, पल्लवित होकर प्रिया हो।   तन एवं मन से यौवन हो, कर्म महान,व्यवहार मधुर हो।   जन-जन की चेतना हो, आराध्य की आराधना हो।…

लूट सके तो लूट ले – सुनील गुप्ता

( 1 ) लूट सके तो लूट ले, राम नाम की लूट ! अंत समय पछताएगा.., जब प्राण जाएंगे छूट !! ( 2 ) छूट सके भव सागर से, ऐसे…

कैसे लोग हैं ये – गुरुदीन आज़ाद

  कैसे लोग हैं ये, समझ लेते हैं हर किसी को, अपना मालिक ये लोग।   कम से कम इन्होंने, यह तो देखा होता, कि कितना उज्ज्वल है, वह कितना…

फिर आयेगा गौरी – डॉ. सत्यवान सौरभ

  खून में उबाल हो, जुबां में ज्वाल हो, फिर क्यों हर बार समझौता, हर बार सवाल हो? यह वक़्त है ललकारने का, न कि मौन में घुलने का, इतिहास…

गीत (राम दरबार) – श्याम कुंवर भारती

  अयोध्या में आज राम दरबार सजा है। श्रीराम संग सिया का श्रृंगार सजा है।   भाई भरत लक्ष्मण शत्रुघ्न साथ में है बिराजे । महाबली हनुमान बैठे है गदा…

ॐ हनुमते नमः – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

  दिवस बजरंग का, भावमय उमंग का, भक्ति रस तरंग का, अहसास कीजिये।   पर्व यह मना रहे, ध्यान मन लगा रहे, छवि हिय सदा रहे, आशीर्वाद दीजिये।   चालीसा…