बिगुल चुनावी बज गया , लम्बी लगी कतार, टिकट जुगाड़ू सक्रिय, वादों की बौछार। टिकट जिसका कट रहा, मिमियावे चहु ओर, जिसकी लग रही लॉटरी, वह है आत्मविभोर। कोई…
Vivratidarpan.com – रिश्ते अब महज़ ज़रूरतों के एटीएम बनते जा रहे हैं। डिजिटल दुनिया ने संवाद को ‘रीचार्ज पैकेज’ और मुलाक़ातों को ‘होम-डिलीवरी’ में बदल दिया है। दिलचस्पी कम…