चाह नहीं – रेखा मित्तल

नहीं चाह महलों और अट्टालिकाओं की न ही सजे हुए बेशकीमती झाड़फानूसों की केवल सुकून तुम्हारी बलिष्ठ भुजाओं का मुझे तो तुम्हारा साथ चाहिए था जीवन की अंधेरी लंबी रातों…

ग़ज़ल – डॉ गीता पांडेय

पास आकर ज़रा मुस्कुरा दीजिए। सब्ज़ के बाग फिर से सज़ा दीजिए।   ख़्वाब आते रहे ख़्वाब जाते रहे, नींद से अब मुझे तो ज़गा दीजिए।   प्यार की बात…

भोजपुरी विवाह गारी गीत – श्याम कुंवर भारती

अइले अब समधी के स्वागत करा, मन भर के गारी सुनावा, हाय सियाराम के भजो । हाथी घोड़ा ना लिअइले डोलिया कहार, लिअईले गदहा दुआर, हाय सियाराम के भजो। अगुवा…

ऑनलाइन विदाई – डॉ अमित कुमार

पिता की चिता धधक रही थी, बेटा स्क्रीन पर जम्हाई ले रहा था। आँखें भीगी थीं सबकी, पर कैमरा फोकस ढूँढ रहा था।   अब रिश्तों का धर्म नेटवर्क सिग्नल…

गीत – जसवीर सिंह हलधर

अर्थ क़ायम नहीं हो सके शब्द के, सामने पंक्तियों के खड़े हाशिए । गीत पूरा नहीं हो सका रात भर , जागता ही रहा पृष्ठ काले किए ।।   तथ्य…

हो जिनका भी आवारा मन – अनुराधा पाण्डेय

हो जिनका भी आवारा मन, वे सुने ! उन्हें मैं कहती हूँ । कुछ तन तो ब्याहे होते हैं । कुछ मन चिर ब्याहे होते हैं ।   मन आँगन…

मेरी कलम से  – रुचि मित्तल

भरोसा ही नहीं मुझको ज़माने के खुदाओं पे, जहां में फ़ितरते इंसा सभी की एक जैसी है।   बड़ी खामोश गुमसुम हैं अभी सागर की ये लहरें, नदी लगता है…

मित्र – अनिरुद्ध कुमार

मित्र मृदुल मनहर मनभावन। स्नेहिल भाव लगे जग पावन।। मित्र बिना सूना यह जीवन। सच्चा मित्र लुभाये तनमन।।   मित्र मित्रता हीं जीवन धन। मित्र कभी ना चाहें अनबन।। मित्र…

मैं अगर तुमको देखता हूँ – गुरुदीन वर्मा

मैं अगर तुमको देखता हूँ , इसका मतलब यह तो नहीं। तुमसे मैं प्यार करता हूँ , शक है तेरा और कुछ भी नहीं।। मैं अगर तुमको देखता हूँ——————-।।  …

प्रेम का गुलदस्ता – सामाजिक चिंतन का पुलिंदा – डॉ अमित कुमार बिजनौरी

vivratidarpan.com – प्रेम पथिक एक ऐसा साझा गीत संग्रह है जिसके मुख्य संपादक डॉ. नरेश सागर हैं। इसमें 31 कवि और कवियित्रियों के गीतों को संक्षिप्त जीवन-परिचय के साथ सम्मिलित…