आराधिका साहित्यिक मंच की रंगोत्सव गोष्ठी संपन्न।

vivratidarpan.com इस्लामपुर (प. बं.) :: आराधिका साहित्यिक मंच ( पंजी), 28/02/2026 को रंगोत्सव पर आयोजित 61 वीं आभासी राष्ट्रीय काव्य गोष्ठी भव्यता के साथ संपन्न होगई। रंगोत्सव काव्य गोष्ठी का…

कविता – जसवीर सिंह हलधर

पांच सदी तक जिस मुद्दे पर ,भारत में संघर्ष हुआ है । राम लला की हुई अयोध्या, जन गण को अब हर्ष हुआ है ।।   प्राण प्रतिष्ठा राम लला…

होली का रंग रंगीला हास्य फल – सुधाकर आशावादी 

vivratidarpan.com – लोक संस्कृति और लोक परम्परा में उल्लास और मस्ती का पर्व होली हर वर्ष की भाँति नियत समय पर आ गया है। इसे आना ही था, फाल्गुन पूर्णिमा पर…

भोजपुरी गजल – श्याम कुंवर भारती

नशा शराब के बेअसर हो जाला। तोहार हुस्न जब नजर हो जाला।   डगमगाला पांव नशा के असर से, नशा आंख दिल पर गदर हो जाला।   झुके नजर त…

तुम पर ही फ़िदा हूँ – अशोक यादव 

मैं तुम्हें चाहता हूँ, तुम पर ही मर मिटा हूँ। प्यार करता हूँ तुझे, तुम पर ही फ़िदा हूँ।। धड़कनें कह रही हैं, कुछ सुनो तो ज़रा। पास आओ ना…

वक्त बता ही देता है – सुनील गुप्ता

( 1 ) वक्त बता ही देता, कि, कौन है कीमती हमारे लिए  !!   ( 2 ) फ़क़त यही ज़रूरी है, कि, पहचानलें अभी, समय रहते हुए !!  …

तेरे प्रेम में – सविता सिंह

प्रीत तुमको  हुआ और निखर मैं गयी। थाम तुमने लिया और बिखर मैं गयी। हो चुकी हूँ रति मैं तो तेरे प्रेम में। मौन स्पर्श था सखे और सिहर मैं…

तू मेरे लिए –  सविता सिंह

लेखनी ही है एक ऐसी विधा, जहाँ बाँच सकते उर की व्यथाI भावनाओं को शब्दों में पिरो कर, उकेर देते हैं उसे कागज परI खोल देते हैं सारी गाँठे, जो…

गजल (भोजपुरी) – श्याम कुंवर भारती

छलक आवेला आंखन आंसू बेवफा तोहार मुस्काइल बा कातिल। कुछउ भावे ना आंखी के आगे बेदर्दी तोहार शर्माइल बा कातिल।   तू सतावा जेतना केवनो बात ना हम कइली गुहार…

प्रसन्न रहें – सुनील गुप्ता

प्रसन्न रहें औरों में मत फंसें, स्वयं में रहें  !!1!!   जीवन हो कैसा जब जहाँ जैसे हो, मस्ती में जीएं  !!2!!   सीखें अपनी अनुभूति से हम, स्वयं में…