सोमनाथ केअ शोभायात्रा में निकललखिन्ह प्रधानमंत्री सरकार हे बहिना, संग में मंत्री दुई चार। एक सौ अठारह घोड़ा पर बैसल सैनिक राज कुमार हे —–2, रथ में खड़ा भेल प्रधानमंत्री…
धुंधली शाम में आग जलती है चुपचाप। लकड़ियाँ फटकती हैं चिंगारियां उड़ती आसमान की ओर। खेतों से आती फसल की खुशबू गेहूं के सुनहरे दाने सरसों के फूलों की पीली…
होई जे भ्रष्टाचारी गोड़ में बेड़ी कानून के त लगबे करी। कर्तव्य से करी जे बेइमानी हाथ हथकड़ी त पड़बे करी। नेता होखे भ अधिकारी सरकारी जिम्मेवारी बड़ होला।…
बने राष्ट्रभाषा हिंदी यह है संकल्प हमारा, हिंदी के प्रतिभा मंडल का फैल रहा उजियारा। हिंदी के हाथों के कंगन जब जब बजे उठते हैं, सूरज चांद सितारे नभ में…