गीतों में व्यंग्य से व्यवस्था पर शालीन प्रहार – विवेक रंजन श्रीवास्तव 

vivratidarpan.com – हिंदी फिल्मी गीतों में व्यंग्य एक सशक्त माध्यम रहा है जिसने सामाजिक विसंगतियों, राजनीतिक भ्रष्टाचार और मानवीय दुर्बलताओं को बिना कटुता तीखेपन से उघाड़ा है। ये गीत मनोरंजन के…

यमराज मित्र का साक्षात्कार

vivratidarpan.com – अब यह तो आपको भी पता चल ही गया कि आज (01 जुलाई) मेरा जन्मदिन है। हालांकि ये कोई विशेष बात नहीं है। हर किसी का एक निश्चित…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

  जो करे गद्दारी उसे धिक्कार कर, अब उठा हथियार दुशमन वार कर।   लिख कसीदे याद मे जो मर गये, जो मिटे है देश पर पुचकार कर।   देश…

सोहम – जया भराड़े बड़ोदकर

  Vivratidarpan.com – सोहम ने बचपन में अपनी मां से बहुत सारी बातें सुनी थीं कि उनका जीवन बहुत कष्टों से बिता था। स्कूल नहीं जा पाई थीं बहुत सारे…

आराधिका साहित्यिक मंच पर ‘जन्म दिवस’ विषयक काव्य गोष्ठी संपन्न

vivratidarpan.com – आराधिका साहित्यिक मंच (पंजी.) पर मंच महासचिव सुधीर श्रीवास्तव (यमराज मित्र) 01जुलाई, वरिष्ठ कवि प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव ‘प्रणय’ ( संस्थापक प्रणय साहित्यिक दर्पण) 02 जुलाई एवं वरिष्ठ कवयित्री…

पिताजी तुम्हें भूल न पाऊंगा – कालिका प्रसाद

  तुम्हारे  चरणों  की  धूलि कण, माथे   पर  मैं  नित्य  लगाऊं, तुम्हारे बताएं राह पर ही जाऊं, मैं कभी  तुम्हें भूल न पाऊंगा।   अंगुली पकड़ कर चलना सिखाया तुम…

संकट के आने पर – आर . सूर्य कुमारी

vivratidarpan.com – किसी समय एक राजा हुआ करता था । उसका नाम रामसेन था । एक दिन राजा ने सोचा – मैं तो मनुष्य हूं, मनुष्य के अंदाज में जी रहा…

स्वाद इश्क का – श्याम कुंवर भारती

  चाहत है बड़ी मेरी खुशियां सारी तेरे नाम हो जाए। पता नहीं कब कैसे अब जिंदगी की शाम हो जाए।   हुआ है हादसा बड़ा तुमसे दिल लगाने का…

धन्यवाद प्रभु – सुनील गुप्ता

  ( 1 ) धन्यवाद प्रभु तुमको रहमत मेहरबानियों के लिए, कि, दिखलाए चले, ये शुभ दिन हमको !!   ( 2 ) साधुवाद श्रीहरि तुमको सिद्धि और निधियों के…

काम होते गए ख़ुशी मिलती गई – पीयूष गोयल

  vivratidarpan.com – एक कस्बें में एक  ग़रीब परिवार अपने इकलौते बेटे के साथ रहता था, उनकी पंसारी की एक छोटी सी दुकान थी.बेटा उनकी शादी के १५ साल बाद…